तिरंगा फहराने निकल पड़ा  हमारा चंद्रयान

तिरंगा फहराने निकल पड़ा  हमारा चंद्रयान

चंद्रयान-3 लॉन्च

चंद्रयान-3 के लॉन्च के साथ ही भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) का तीसरा मून मिशन शुरू हो गया। चंद्रयान-3 को ले जा रहे 642 टन वजनी, 43.5 मीटर ऊंचे रॉकेट LVM3-M4 ने श्रीहरिकोटा स्थित सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र से उड़ान भरी। 

52 दिनों में चंद्रमा तक पहुंच जाएगा

चंद्रयान-3 के पृथ्‍वी की कक्षा में पहुंचने के बाद लूनर ट्रांसफर ट्रेजेक्टरी में डाला गया। अगले 52 दिनों में 30,00,00 किमी से अधिक की दूरी तय करते हुए यह चंद्रमा तक पहुंच जाएगा। 

वैज्ञानिकों के छलके आंसू 

इसी के साथ ही भारतीय वैज्ञानिकों की आंखों से आंसू छलक पड़े। जो उनके काम के प्रति समर्पण, जज्बा और भारतीय होने का गर्व होने का था।

राष्ट्र की आशाओं को आगे बढ़ाएगा चंद्रयान

लॉन्च से पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि 'भारतीय अंतरिक्ष के क्षेत्र में 14 जुलाई 2023 का दिन हमेशा स्वर्ण अक्षरों में अंकित रहेगा तथा यह राष्ट्र की आशाओं और सपनों को आगे बढ़ाएगा। 

लंबी चंद्रमा यात्रा शुरू

प्रक्षेपण के ठीक 16 मिनट बाद लगभग 2.50 बजे करीब 179 किमी की ऊंचाई पर चंद्रयान-3 रॉकेट से अलग हो जाएगा। इसके बाद चंद्रयान-3 लगभग 3.84 लाख किमी की अपनी लंबी चंद्रमा यात्रा शुरू करेगा। 

पूरे देश की नजरें चंद्रयान-3 पर टिकी 

पूरे देश की नजरें इसरो के वैज्ञानिकों पर टिकी हैं। चांद पर यान को 'सॉफ्ट लैंडिंग' कराने यानी सुरक्षित तरीके से यान उतारने का यह मिशन अगर सफल हो जाता है तो भारत चुनिंदा देशों की एलीट लिस्‍ट में शामिल हो जाएगा। 

चौथा देश बन जाएगा भारत

अगर भारत ऐसा कर पाने में सफल हो जाता है वह अमेरिका, चीन और पूर्व सोवियत संघ के बाद इस सूची में चौथा देश बन जाएगा।