केंद्रीय सड़क, परिवहन व राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने कहा कि मैंने उन्हें बताया कि 2004 से मैं एथेनॉल की बात करता था। अब यूपी के एथेनॉल (Ethanol) से केवल गाड़ी ही नहीं, बल्कि आने वाले समय में दुनिया में हवाई जहाज एविएशन फ्यूल बनकर चलेगा।
इंडियन ऑयल इसका प्लांट डाल रहे हैं, जिससे किसान अन्नदाता नहीं, ऊर्जादाता बनेगा। गन्ना किसानों का भविष्य बदलने के लिए मोदी-योगी सरकार की नीतियों व निर्णय से काफी फायदा मिला। उन्हें समय से गन्ने के पैसे मिलने लगे।
एथेनॉल, मिथेनॉल, बायो सीएनजी, हाइड्रोजन हमारा भविष्य है। आने वाले समय में यूपी हाइड्रोजन निर्माण करने में अग्रसर हो। हमारा देश ऊर्जा को आयात नहीं, निर्यात करने वाला देश बनेगा।
चालू वित्त वर्ष 2023-24 में लगभग 100 परिचालन भट्टियों के साथ उत्तर प्रदेश देश में सबसे बड़े इथेनॉल उत्पादक के रूप में उभरने के लिए तैयार है। अगले कुछ महीनों में अन्य 15 डिस्टिलरी चालू होने वाली हैं।
100 डिस्टिलरीज़ गन्ना-आधारित और दोहरे मोड (गन्ना और अनाज पर आधारित) दोनों होंगी। इसके अलावा, राज्य सरकार ने अगले तीन वर्षों के भीतर राज्य में डिस्टिलरीज की संख्या बढ़ाकर 140 करने का लक्ष्य भी रखा है।
यूपी सरकार ने धान और गेहूं के बड़े भंडार को देखते हुए अनाज आधारित भट्टियों को बढ़ावा देने की योजना बनाई। रिकॉर्ड बताते हैं कि यूपी में इथेनॉल का उत्पादन 2022-23 में 134 करोड़ लीटर तक पहुंच गया जो देश में सबसे ज्यादा था। 2023-24 में इसके 160 करोड़ लीटर तक जाने की उम्मीद है।