राज्य के चमोली जिले (Chamoli Accident) में आज सुबह नमामि गंगे प्रोजेक्ट की साइट पर करंट फैलने से 27 लोग हताहत हो गए। अब तक 16 लोगों की मौत हुई है और अन्य घायलों का अस्पताल में इलाज चल रहा है। घटना के बाद स्थानीय लोगों ने घायलों को 108 और मैक्स वाहन की मदद से गोपेश्वर जिला अस्पताल पहुंचाया।
चमोली में अलकनंदा नदी पर नमामि गंगा की प्रोजेक्ट (Namami Gange project) साइट पर काम चल रहा था, तभी अचानक साइट पर बिजली का करंट दौड़ गया। इससे मौके पर मौजूद लोग करंट की चपेट में आ गए, जिससे कई लोग गंभीर रुप से घायल हो गए हैं।
आशंका जताई जा रही है कि मरने वालों की संख्या में इजाफा हो सकता है। सूचना मिलते ही प्रशासन ने व्यापक स्तर पर राहत और बचाव का कार्य शुरू कर दिया।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी हादसे पर दुख जताते हुए कहा कि शोकाकुल परिजनों के प्रति मैं अपनी गहरी संवेदना प्रकट करने के साथ ही सभी घायलों के जल्द स्वस्थ होने की कामना करता हूं। उन्होंने आगे कहा कि राज्य सरकार की देखरेख में स्थानीय प्रशासन पीड़ितों की हरसंभव मदद में जुटा है।
हादसे के बाद आनन फानन में पीड़ितों को अस्पताल में भर्ती करवाया गया है। उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने चमोली घटना को दुखद बताते हुए मृतकों के आश्रितों को 5-5 लाख रूपए और घायलों को 1-1 लाख रुपए की राहत राशि अविलंब प्रदान करने के निर्देश दिए हैं।
सीएम धामी ने गृह मंत्री अमित शाह को स्थिति की जानकारी देते हुए बताया कि घटना के मजिस्ट्रियल जांच के आदेश दे दिए गए हैं। घायलों को बेहतर और तत्काल इलाज मुहैया करवाने के लिए एम्स स्थित ऋषिकेश हेलीकॉप्टर से लाया गया है। प्रधानमंत्री कार्यालय को भी घटना की पूरी जानकारी दी गईं है।