Carbon

शून्य-कार्बन हाइड्रोजन के लिए 'मार्गदर्शक सिद्धांत' हुए लॉन्च

in Op-ed

ईंधन के तौर पर पृथ्वी को कार्बन का विकल्प देने के इरादे से और हाइड्रोजन में निहित असीमित सम्भावनाओं को केंद्र में लाने के लिए, आज युनाइटेड नेशंस हाई-लेवल चैंपियंस फॉर क्लाइमेट एक्शन, गोंज़ालो म्यूनोज़ और नाइजल टॉपिंग, और युनाइटेड नेशंस (संयुक्त राष्ट्र) माराकेच पार्टनरशिप के वैश्विक साझेदारों ने डीकार्बोनाइजेशन प्रयासों में हाइड्रोजन की भूमिका पर चर्चा को मज़बूत करने और आधार स्तर पर चर्चा करने के लिए महीनों के लंबे सहयोग से निकले परिणाम को सात मार्गदर्शक सिद्धांतों के रूप में प्रकाशित किया है।

Greenrecovery

बेरोकटोक एमिशन्स और निराशाजनक ग्रीन रिकवरी के चलते दुनिया के लिए आने वाला वक़्त आज़माइशों से भरा: लैंसेट काउंटडाउन

in Op-ed

ग्लोबल वार्मिंग के विनाशकारी स्तरों तक पहुँचने से बचने और पेरिस समझौते के लक्ष्यों को पूरा करने के लिए ग्रीनहाउस गैसों के उत्सर्जन को एक अगले दस सालों में आधे से भी कम करना होगा। लेकिन मौजूदा रफ़्तार से तो हमें कार्बन मुक्त होने में 150 से अधिक साल लग जायेंगे।

Climate Change

जलवायु परिवर्तन मानवजनित ही है: 99.9% अध्ययन

in Op-ed

लगभग शत-प्रतिशत शोध यह कहते हैं कि जलवायु परिवर्तन किसी प्राक्रतिक नियति का हिस्सा नहीं, बल्कि हमारी आपकी गतिविधियों का ही नतीजा है। इस बात को सामने लायी है एक रिपोर्ट जिसने 88,125 जलवायु-संबंधी अध्ययनों के एक सर्वेक्षण में पाया कि 99.9% से अधिक अध्ययन यह मानते हैं कि जलवायु परिवर्तन मानव जनित ही है।

CO2

जब जीवाश्म ईंधन उत्पादन दोगुना करने का है इरादा, तब कैसे पूरा होगा पेरिस समझौते का वादा?

in Op-ed

बात अगर पेरिस समझौते के अनुसार ग्लोबल वार्मिंग को 1.5 डिग्री सेल्सियस या 2 डिग्री सेल्सियस से नीचे सीमित करने की हो, तब कायदे से तो दुनिया को अपना जीवाश्म ईंधन उत्पादन को बंद करना पड़ेगा। लेकिन हो ये रहा है कि सरकारें पेरिस समझौते की तापमान सीमा से तालमेल बैठाने की जगह स्वीकार्य स्तरों से कहीं अधिक कोयला, तेल और गैस का उत्पादन करने की योजना बना रही हैं।

G20

नहीं कम हो रहा जी20 देशों का उत्सर्जन, बेहद तेज़ कार्यवाई ज़रूरी

in Op-ed

एक रिपोर्ट में चेतावनी दी गई है कि G20 (जी20) में उत्सर्जन फिर से बढ़ रहा है। नेट ज़ीरो प्रतिबद्धताओं और अद्यतन NDCs (एनडीसी) के बावजूद, G20 की जलवायु कार्रवाई दुनिया को 1.5 डिग्री सेल्सियस ग्लोबल वार्मिंग सीमा को पूरा करने के लक्ष्य से बहुत पीछे छोड़ रही है। कोविड-19  महामारी की वजह से होने वाली एक छोटी अवधि के बाद, ग्रीनहाउस गैस उत्सर्जन (GHG) G20 में फिर से बढ़ रहे हैं। अर्जेंटीना, चीन, भारत और इंडोनेशिया के 2019 उत्सर्जन स्तर को पार करने का अनुमान है। यह क्लाइमेट ट्रांसपरेंसी रिपोर्ट (जलवायु पारदर्शिता रिपोर्ट) के प्रमुख निष्कर्षों में से एक है - दुनिया की सबसे व्यापक वार्षिक स्टॉकटेक और G20 जलवायु कार्रवाई की तुलनात्मक रिपोर्ट है।