Kashmir: फारूक अब्दुल्ला और महबूबा मुफ्ती का मिलन क्या गुल खिलायेगा!

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नई दिल्लीः पीडीपी अध्यक्ष और जम्मू-कश्मीर की पूर्व मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती को 14 महीने बाद मंगलवार को नजरबंदी से रिहा करने के बाद, नेशनल कांफ्रेंस के अध्यक्ष फारूक अब्दुल्ला ने गुरुवार को अपने आवास पर ‘गुपकार संकल्प’ पर बैठक बुलाई है। महबूबा मुफ्ती भी इस बैठक में हिस्सा लेंगी। आखिर क्या कारण है कि राज्य में अपने कट्टर दुश्मन पीडीपी के साथ फारूक अब्दुल्ला को हाथ मिलाना पड़ रहा है।

बैठक क्यों बुलाई जा रही है?
न्यूज एजेंसी पीटीआई के अनुसार, जम्मू-कश्मीर की विशेष स्थिति के संबंध में ‘गुपकार संकल्प’ पर भविष्य की कार्रवाई को आगे बढ़ाने के लिए बैठक बुलाई गई है, जिसे केंद्र ने पिछले साल रद्द कर दिया था। 

उमर अब्दुल्ला ने ट्वीट कर कहा, ‘‘मेरे पिता और मैंने आज दोपहर महबूबा मुफ्ती साहिबा को फोन किया, ताकि हिरासत से मुक्त होने के बाद उनकी कुशलक्षेम के बारे में पूछताछ की जा सके। उसने कल दोपहर गुप्कर घोषणा हस्ताक्षरकर्ताओं की एक बैठक में शामिल होने के लिए फारूक एसबी के निमंत्रण को स्वीकार किया है।’’

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उमर अब्दुल्ला के ट्वीट का जवाब देते हुए पूर्व मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती ने कहा, ‘‘आपके (उमर) और फारूक साहिब के घर आने पर बहुत अच्छा लगा। इसने मुझे साहस दिया है। मुझे विश्वास है कि हम सब मिलकर चीजों को बेहतर के लिए बदल सकते हैं।’’

गुपकर संकल्प है क्या?
‘गुपकार संकल्प’ नेशनल कॉन्फ्रेंस अध्यक्ष फारूक अब्दुल्ला के आवास पर एक सर्वदलीय मीटिंग के दौरान जारी किया गया एक प्रस्ताव है। इसे जम्मू-कश्मीर से विशेष राज्य के दर्जे को वापस लिए जाने से ठीक एक दिन पहले यानी कि 4 अगस्त, 2019 को जारी किया गया था। प्रस्ताव में में कहा गया था कि पार्टियों ने सर्वसम्मति से फैसला किया है कि जम्मू-कश्मीर की पहचान, स्वायत्तता और उसके विशेष दर्जे को संरक्षित करने के लिए वे मिलकर प्रयास करेंगे। इस प्रस्ताव पर नेशनल कॉन्फ्रेंस के अलावा पीडीपी, पीपुल्स कॉन्फ्रेंस और कुछ छोटे दल शामिल हैं। इससे पहले सभी हस्ताक्षरकर्ता दल 22 अगस्त को आपस में मिले थे और जम्मू-कश्मीर के विशेष राज्य के दर्जे की बहाली को लेकर संकल्प लिया था। पार्टियों ने सर्वसम्मति से कहा कि वे एकजुट होकर सभी हमलों के खिलाफ जम्मू-कश्मीर की पहचान, स्वायत्तता और विशेष स्थिति की रक्षा और बचाव का प्रयास करेंगे।

बीजेपी की तीखी प्रतिक्रिया
वहीं, गुपकार घोषणा के लिए मीटिंग को लेकर बीजेपी ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। पार्टी ने कहा कि तीन पूर्व मुख्यमंत्री घाटी में परेशानी खड़ी करने के लिए साथ आए हैं। बीजेपी चीफ रविंदर रैना ने गुपकार घोषणा को श्ऐंटी-नैशनलश् और श्पाकिस्तान प्रायोजितश् बताया है। उन्होंने कहा कि अब्दुल्ला और मुफ्ती ने अपनी ताजा बैठक में गुपकार घोषणा के लक्ष्यों को आगे बढ़ाने का फैसला किया है, जिसकी बीजेपी कभी अनुमति नहीं देगी।

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