अब पटाखे फोडे़ नहीं बल्कि खायें, बेंगलुरु के एक चॉकोलेटियर ने निकाला अनोखा तरीका

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नई दिल्लीः राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में प्रदूषण का स्तर लगातार बढ़ने की वजह से नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) ने दिल्ली-एनसीआर में पटाखा बिक्री पर 30 नवंबर तक पूर्ण प्रतिबंध लगाने का फैसला लिया है। यह फैसला ऐसे समय में आया है, जब त्यौहारों का मौसम शुरू ही हुआ है और इस समय पटाखों की बिक्री अपने चरम पर होती है। साथ ही पूरे देश में प्रदूषण की वजह से पटाखों को न फोड़ने की अपील की जा रही है। इसी बीच कर्नाटक के बेंगलुरु में एक चाॅकलेट बनाने वाले ने अनोखा तरीका खोजा है। उसने फायर क्रैकर्स के नाम से चाॅकलेट निकाला है ताकि प्रदूषण को कम किया जा सके।

कर्नाटक में बेंगलुरु स्थित एक चॉकोलेटियर ने न्यूज एजेंसी को बताया कि दिवाली से पहले वह एक नया तरीका लेकर सामने आये हैं कि ‘पटाखे न फोड़ें’ बल्कि ‘पटाखे खाओ’। उन्होंने पटाखे जैसे रॉकेट, सुतली बम, लक्ष्मी पटाखा, फ्लावर पॉट्स के अलावा और दूसरे नाम पर भी चॉकलेट का नाम रखा है।

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बता दें कि एनजीटी अध्यक्ष न्यायमूर्ति आदर्श कुमार गोयल की अध्यक्षता वाली पीठ ने कहा, ’’जिन शहरों में एम्बिएंट एयर क्वालिटी मॉडरेट है, वहां सिर्फ ग्रीन पटाखे ही बेचे जा सकते हैं। दीवाली, छठ, नए साल और क्रिसमस की पूर्व संध्या आदि जैसे त्योहारों को संबंधित राज्य द्वारा निर्दिष्ट किया जा सकता है। एनजीटी के इस आदेश के साथ ही गुड़गांव, नोएडा, गाजियाबाद, फरीदाबाद में भी पटाखों की बिक्री पर प्रतिबंध लागू हो गया है। हरियाणा सरकार ने दो घंटे पटाखे जलाने की छूट दी थी जिसके बाद से कन्फ्यूजन की स्थिति थी कि यह छूट गुड़गांव में मिलेगी या नहीं।

एनजीटी के निर्देशानुसार, देश के जिन राज्यों में वायु प्रदुषण ‘खराब’ की श्रेणी में बना हुआ है, उन राज्यों और शहरों में भी 9 नवंबर की मध्यरात्रि से लेकर 30 नवंबर की मध्यरात्रि तक पटाखों के इस्तेमाल और बिक्री पर पूर्ण रूप से प्रतिबंध रहेगा। जिन शहरों में एम्बिएंट एयर क्वालिटी मॉडरेट है, वहां सिर्फ ग्रीन पटाखे ही बेचे जा सकते हैं। पटाखे जलाने के लिए सिर्फ दो घंटे ही दिए जाने का आदेश है।