Solar Eclipse: 2021 का पहला सूर्य ग्रहण आज, जानिये कहां-कहां दिखाई देगा

Eclipse

नई दिल्लीः इस वर्ष का पहला सूर्य ग्रहण (Solar Eclipse) गुरुवार को होगा और नेशनल एरोनॉटिक्स एंड स्पेस एडमिनिस्ट्रेशन (NASA) के अनुसार, उत्तरी गोलार्ध में लोगों को दिखाई देगा। नासा ने सूर्य ग्रहण को एक खगोलीय घटना के रूप में वर्णित किया है, जो तब होता है जब जब सूर्य, चंद्रमा और पृथ्वी एक सीधी रेखा में आ जाते हैं। आज लगने वाले इस सूर्य ग्रहण के दिन दुनियाभर के कई देशों में रिंग ऑफ फायर (Ring of Fire) का नजारा भी दिखेगा। इस ग्रहण के दौरान चंद्रमा की परछाई सूर्य को करीब 94 फीसदी हिस्से को पूरी तरह से ढक लेती है। इसलिए इस दौरान सूरज हीरे की अंगूठी की तरह चमकता दिखाई देता है। साइंटिफिक भाषा में इसे रिंग ऑफ फायर कहा जाता है।

बता दें कि सूर्य ग्रहण भारत में सिर्फ अरुणाचल प्रदेश और लद्दाख के कुछ हिस्सों में ही सूर्यास्त से कुछ समय पहले दिखाई देगा। एम पी बिरला तारामंडल के निदेशक देबीप्रसाद दुरई ने कहा कि सूर्य ग्रहण भारत में अरुणाचल प्रदेश और लद्दाख के कुछ हिस्सों से ही दिखाई देगा।

नासा के अनुसार, ग्रहण केवल कुछ क्षेत्रों में दिखाई देगा, जबकि अन्य क्षेत्रों में यह आंशिक होगा। अंतरिक्ष एजेंसी ने कहा है कि रूस, ग्रीनलैंड और कनाडा में ‘रिंग ऑफ फायर’ या, दूसरे शब्दों में, एक पूर्ण सूर्य ग्रहण देखने को मिलेगा, जबकि पूर्वी संयुक्त राज्य अमेरिका और अलास्का केवल आंशिक ग्रहण देखेंगे। उत्तरी अमेरिका, यूरोप, एशिया, उत्तरी अफ्रीका और कैरिबियन के कुछ हिस्सों में भी आंशिक ग्रहण दिखाई देगा।

भारत में, यह केवल लद्दाख और अरुणाचल प्रदेश के लोगों को दिखाई देगा। यह यहां दोपहर 1.42 बजे शुरू होने वाला है और शाम 6.41 बजे समाप्त होगा। पीक टाइम शाम 4.16 बजे के आसपास आएगा, जब सूर्य और चंद्रमा दोनों वृष राशि में बिल्कुल 25 डिग्री पर युति करेंगे।

नासा नासा पर ग्रहण की लाइव स्ट्रीम करेगा। इसे रॉयल एस्ट्रोनॉमिकल सोसाइटी ऑफ कनाडा सडबरी सेंटर के ल्यूक बोलार्ड के सौजन्य से यूट्यूब पर भी देखा जा सकता है। नासा ने कुछ सावधानियां भी जारी की हैं जो सूर्य ग्रहण को देखते समय बरती जानी चाहिए। ये इसकी आधिकारिक वेबसाइट पर उपलब्ध हैं।

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