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West Bengal: ममता का किला ढहाने की तैयारी, शाह आज फूकेंगे चुनावी रैली का बिगुल

नई दिल्लीः कोरोना वायरस (Corona virus) की वजह से आने वाले चुनावों में प्रचार के नये-नये तरीके दिखाई देने वाले हैं। बिहार (Bihar) में वर्चुअल रैली (Virtual rally) की सफलता के बाद गृह मंत्री (Home Minister) अमित शाह (Amit Shah) ने अब इस फार्मूले को पश्चिम बंगाल (West Bengal) में अपनाने का सोचा है। इसी कड़ी […]

नई दिल्लीः कोरोना वायरस (Corona virus) की वजह से आने वाले चुनावों में प्रचार के नये-नये तरीके दिखाई देने वाले हैं। बिहार (Bihar) में वर्चुअल रैली (Virtual rally) की सफलता के बाद गृह मंत्री (Home Minister) अमित शाह (Amit Shah) ने अब इस फार्मूले को पश्चिम बंगाल (West Bengal) में अपनाने का सोचा है। इसी कड़ी में मंगलवार को पश्चिम बंगाल में वर्चुअल रैली के जरिए अपने कैंपेन (campaign) की शुरूआत करने जा रहे हैं। बंगाल में जमीन तलाश रही बीजेपी (BJP) की यह अहम रैली मानी जा रही है। इस रैली के जरिए अमित शाह प्रदेश में आने वाले चुनावों का बिगुल फूंकने जा रहे हैं। बंगाल में चुनाव अगले साल (2021) में है, लेकिन बीजेपी अपनी तैयारियों में कोई कमी नहीं छोड़ना चाहती, इसीलिए इस महामारी में भी बीजेपी के कार्यकर्ता पीछे नहीं हटने वाले।

सूत्रों से पता चला है कि अमित शाह अलग-अलग सोशल मीडिया प्लेटफार्म से सुबह से ही बीजेपी कार्यकर्ताओं और पश्चिम बंगाल की आम जनता से रूबरू होंगे। इस रैली में बंगाल बीजेपी के सभी बड़े नेताओं के शिरकत करने की संभावना है। राजनीतिक दृष्टिकोण से यह रैली बहुत महत्त्वपूर्ण मानी जा रही है, इस रैली से प्रदेश में राजनीतिक समीकरण बदल सकते हैं। अलगे साल होने वाले विधानसभा चुनाव को लेकर यह पहली रैली है और बीजेपी के सारे नेता इस रैली को सफल बनाने में जुटे हुए हैं।

जैसे बिहार में भी बीजेपी ने शाह की वर्चुअल रैली को सफल बनाने के लिए कोई कोर-कसर नहीं छोड़ी थी। बिहार में जिस तरह से लगभग हर बूथ पर एलईडी लगाकर बीजेपी कार्यकर्ताओं और बिहार की जनता से संवाद किया गया था। ठीक वैसे ही बंगाल में भी वर्चुअल रैली को वास्तविक रूप देने के लिए बीजेपी की तैयारी वैसी ही है। 

पश्चिम बंगाल में कुल 80 हजार बूथ हैं और बूथ कमेटी 65 हजार बूथों में है। अगर सारे बूथों को जोड़ा जाए तो इस रैली से लगभग 5 लाख से ज्यादा लोग सपरिवार इस वर्चुअल रैली में शामिल होंगे। साथ ही वॉट्सऐप (whatsapp), फेसबुक (facebook) और दूसरे सोशल मीडिया के जरिए संदेश पहुंचाया जाएगा। जहां इंटरनेट की सुविधा उपलब्ध नहीं है वहां भी एलईडी स्क्रीन (Led screen) के माध्यम से लोग इस रैली से जुडेंगे।

उधर, पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी (Mamta Banerjee) बीजेपी के इस महामाारी के दौर में प्रचार बिल्कुल भी खुश नहीं हैं। ममता ने कहा, ‘इतना खर्च बीजेपी ही वहन कर सकती है, हमारी पार्टी नहीं।’ सूत्रों से पता चला है कि बीजेपी को मंुह तोड़ जवाब देने के लिए ममता बनर्जी भी 21 जुलाई को वर्चुअल रैली कर सकती हैं और जिस तरह भाजपा की वर्चुअल रैली के विरोध में राजद ने बिहार में ‘गरीब अधिकार दिवस’ मनाया था, उसी शैली में ममता बनर्जी इसे ‘शहीद दिवस’ के रूप में मनायेंगीं।

हालांकि, 2019 के लोकसभा चुनाव की बात करें तो बीजेपी ने बंगाल में जबर्दस्त कामयाबी हासिल की थी। भारतीय जनता पार्टी ने 42 में से 18 लोकसभा सीटों पर जीत हासिल की थी। ऐसे में बंगाल का राजनीतिक दंगल बेहद दिलचस्प होता दिख रहा है। इस जानलेवा महामारी के दौर में भी बीजेपी ममता सरकार को ढील देने के मूड़ में बिल्कुल भी नहीं है। इसलिए पश्चिम बंगाल में आने वाले चुनावों को लेकर सियासी लड़ाई बेहद दिलचस्प होती दिखाई दे रही है। 

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