
जोनाईः असम के धेमाजी जिले के जोनाई महकमा में इन दिनों सार्वजनिक वितरण प्रणाली के तहत आवंटित चावल की कालाबाजारी करने के लिये नया तरीका अपनाया जा रहा है। एक ओर जहां सरकार की ओर से पीडीएस चावल जूट के बैग में भेजा जाता है। वहीं जोनाई में इस इस चावल को जूट के बैग से निकालकर प्लास्टिक बैग में भरकर कालाबाजारी करने का आरोप लगाया गया है। साथ ही, पिछले 24 मई को महकमा प्रशासन की उपस्थिति में प्लास्टिक बैग में भरे गये पीडीएस चावल को भी जब्त किया गया है।
आरोप यह भी हैं कि जोनाई बाजार के व्यवसायी सांवरमल अग्रवाल के पुत्र अजय कुमार अग्रवाल के द्वारा पीडीएस के चावल को अवैध रूप से चोरी छिपे कालाबाजारी कर बाजार में बेचा जा रहा है।
उल्लेखनीय हैं कि पिछले 24 मई को महकमा प्रशासन ने प्लास्टिक बैग में 20 पैकेट 995 किलों ग्राम चावल को जब्त किया। मगर किसी प्रकार की कोई कार्रवाई होती नही देखी गई। जिस कारण स्थानीय लोगों का कहना हैं कि गरीबो के लिये आवंटित पीडीएस की चावल पर हाथ साफ करने वाले लोग कब सलाखों के पीछे होंगे।
उल्लेखनीय है कि सांवरमल अग्रवाल की दुकान से गत 24 मई की सुबह अरुणाचल प्रदेश के पासीघाट के व्यवसायी व बोलेरो पिकअप गाड़ी के मालिक जब्बार अली नामक व्यक्ति को 20 पैकेट चावल को प्लास्टिक के बोरी में भरकर बिक्री की गई थी। जिसकी सूचना स्थानीय संवाददाताओ को लोगों ने दी और स्थानीय संवाददाताओं के एक दल ने असम-अरुणाचल प्रदेश के सीमावर्ती क्षेत्र रुकसिन पहुंचकर एएस-15-सी-8985 नंबर की पिकअप में सार्वजनिक वितरण प्रणाली के चावल को देखकर पूछताछ करने पर ड्राइवर फरार हो गया था। इसकी सूचना जिले के अतिरिक्त उपायुक्त व प्रभारी महकमाधिपति जिमली सईकिया काकोती को दी गई। महकमाधिपति ने कार्रवाई करते हुए तुरंत कार्यवाही दण्डाधीश प्रीतम कुमार दास को घटनास्थल पर भेजा गया। थोड़ी ही देर में खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग के अधिकारी शुभराम लाहन और कैलश बरुवा ने भी आकर सार्वजनिक वितरण प्रणाली का चावल की प्रारंभिक जांच कर कार्यवाही दण्डाधीश प्रीतम कुमार दास के सम्मुख चावल को जब्त कर उक्त पीडीएस का चावल को अपने कब्जे में ले लिया।
गौरतलब है कि सांवरमल अग्रवाल के पिता और पुत्र के नाम में पीडीएस के ट्रक ढुलाई के लिये कैरिंग एजेंट हैं और महीने में कई ट्रक पीडीएस चावल की हेराफेरी कर सरकारी चावल को अवैध रूप से बिक्री कर गरीबों के पेट पर लात मारकर रुपया कमा रहे।
इतना ही नहीं सांवरमल अग्रवाल बड़ी चालाकी से चावल के हरे रंग के प्लास्टिक के बोरी खरीदकर बस्ता वाले बोरी से पलट कर मशीन द्वारा सिलाई कर पीडीएस चावल की कालाबाजारी कर रहा है।
स्थानीय लोगो का कहना हैं कि कानून सिर्फ गरीब लोगो के लिये होता है। अगर कोई गरीब व्यवसायी इस तरह से पीडीएस चावल की कालाबाजारी करता, तो अब तक वह जेल में नजर आता। मगर सांवरमल अग्रवाल जैसे लोग इस तरह के अपराध करके कैसे बच जाता है, यह लोगो के गले नही उतर रहा है।
स्थानीय लोगो ने सवाल पूछते हुए आरोप लगाया हैं कि अगर उक्त 24 मई को पकडे़ गये चावल में सब कुछ ठीक था, तो ऐसी कौन सी मजबूरी थी कि बोरी को पलटकर प्लास्टिक बैग में डालकर मशीन से सिलाई करने की जरुरत क्यो पड़ी।
पीडीएस चावल को प्लास्टिक के बोरे में पलटकर मसीन सिलाई करके कालाबाजारी करने वाले लोगो के खिलाफ बीईआईओ से जांच कराकर कड़ी कार्रवाई करने की मांग लोगो ने की है।


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