जानें! क्यों कहा जाता है सूर्य देव को आदित्य

मार्कण्डेय पुराण के अनुसार सूर्य ब्रह्मस्वरूप है, सू्र्य से जगत उत्पन्न होता है। सूर्य नवग्रहों में प्रमुख देवता हैं। सूर्यदेव की दो भुजाएं हैं। वे कम

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शनिदेव भी डरते हैं इनसे, जानिए ये कौन हैं?

सूर्य पुत्र शनिदेव (Shanidev) को लेकर समाज में कई तरह की भ्रांतियां फैली हुई हैं कि वह गुस्सैल, भावहीन और निर्दयी हैं। लेकिन यह सत्य नहीं है, शनिदेव न

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माता सीता के शाप से अभी भी शापित है गाय, ब्राह्मण, कौआ व नदी

वाल्मिकी रामायण में माता सीता (Mata Sita) पिंडदान देकर राजा दशरथ की आत्मा को मोक्ष मिलने का संदर्भ आता है। कथा के अनुसार वनवास के दौरान भगवान राम, लक्

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अद्भुत-अकल्पनीय ! इस मंदिर में भूख से दुबले हो जाते हैं श्रीकृष्ण

यह विश्व का ऐसा अनोखा मंदिर है, जो 24 घंटे में मात्र दो मिनट के लिए बंद होता है। यहां तक कि ग्रहण काल में भी मंदिर बंद नहीं किया जाता है। कारण यह कि य

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भगवान गणेश के सूंड का महत्व, जानिए किस तरफ होता है ज्यादा शुभ

अक्सर श्री गणेश भगवान की प्रतिमा लाने से पहले या घर में स्थापना से पूर्व यह सवाल सामने आता है कि गणेश जी की कौन सी सूंड किस तरफ होनी चाहिए? क्या कभी क

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व्रज के 84 कोस, क्यों है 66 अरब तीर्थ के बराबर?

वृंदावन, मथुरा, गौकुल, नँदगांव, बरसाना, गोवर्धन सहित वें सभी जगह जहाँ श्री कृष्ण जी का बचपन बीता और आज भी जहाँ उनको महसूस किया जा सकता है जैसे कि सांक

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हनुमानजी ने इस तरह रावण की विजय को पराजय में बदला

माना जाता है कि महापंडित और शिवभक्त रावण युद्ध में अपनी विजय सुनिश्चत करने के लिए त्रिदेवों की जननी माता चंडी दुर्गा का पाठ ब्राह्मणों से करवा रहा था।

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मंडूक तंत्र व श्रीयंत्र पर बना हुआ है यह शिव मंदिर

उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी से 12 किलोमीटर दूर कस्बा ओयल के मोहल्ला शिवाला में स्थित मेंढक मंदिर मंडूक तंत्र और श्रीयंत्र पर बना हुआ है। इस मंदिर (Sh

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Pitru Paksha 2022: गया में ही श्राद्ध करने से क्यों होती है पितरों की मुक्ति? जानें कथा

Pitru Paksha 2022: ब्रह्माजी जब सृष्टि की रचना कर रहे थे तब उनसे असुर कुल में गया नामक असुर की रचना हो गई। गया असुरों के संतान रूप में पैदा नहीं हुआ थ

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इस मंदिर में साल में एक बार ही दर्शन देते हैं शनिदेव

शनिदेव (Shanidev) का एक चमत्कारी मंदिर उत्तरकाशी जिले के खरसाली गांव में स्थित है। यह प्राचीन मंदिर समुद्र तल से लगभग 7000 फीट की ऊंचाई पर स्थित है। य

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