
जोनाई: नेशनल लिबरेशन फ्रंट आफ बोडोलैंड (एनएलएफबी) के प्रधान सेनाध्यक्ष एम बाथा, अध्यक्ष आई बी विथौनगौड़ा, उपाध्यक्ष बकु बसुमतारी सहित 23 सदस्यों ने बृहस्पतिवार को हथियार डाल दिए। उल्लेखनीय है कि जनवरी 2020 में तीसरे बोड़ो शांति समझौते पर हस्ताक्षर के बाद एम.बाथा के नेतृत्व में एनडीएफबी के कुछ असंतुष्ट कैडरों के जंगल में लौटने के बाद यह संगठन बनाया गया था। ये ज्यादातर बोडोलैंड प्रादेशिक क्षेत्र (बीटीआर) में सक्रिय था।
माजबाट राजस्व चक्र और माजबाट थाने के अंतर्गत लालपानी पुलिस चौकी के अधीन 37 नं. भैरवकुंड परिषदीय क्षेत्र के शिकारीदांगा गांव में अरुणाचल के घने पहाड़ी जंगलों से पैदल चलकर आए संगठन के मुख्य सेनाध्यक्ष एम बाथा ,अध्यक्ष आईबी बंथिगरा, उपमुख्य सेनाध्यक्ष बोको बसुमातारी सहित 23 उग्रवादी सदस्यों ने आत्मसमर्पण किया।उल्लेखनीय है कि शस्त्र संगठन असम सरकार के मंत्री और शीर्ष क्रम के पुलिस अधिकारियों के समक्ष आत्मसमर्पण करने पर संयुक्त बोडो गणमंच (यूबीपीओ) के अध्यक्ष मनोरंजन बसुमतारी ने सचिव पितांबर ब्रह्मा ने जोरदार तरीके से स्वागत किया है। साथ ही यूबीपीओ संगठन ने कहा है कि अब बोडो सम्प्रदाय के लोगों के विकास के कार्य में तेजी आएगी।

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