
रायपुर: शासकीय नवीन प्राथमिक शाला रसनी में सहायक शिक्षक एलबी-3 के पद पर कार्यरत श्रीमती शीला गुरू गोस्वामी ने ‘अंगना म शिक्षा’ द्वारा सरकारी स्कूलों में दर्ज संख्या को बढ़ाने में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। शासकीय नवीन प्राथमिक शाला रसनी में दर्ज संख्या कम हो रही थी, वहां प्रारंभ में दर्ज संख्या 17 थी, अंगना म शिक्षा द्वारा यह दर्ज संख्या बढ़कर अब 119 तक पहुंच गई। अंगना म शिक्षा में दिव्यांग बच्चे समावेशी शिक्षा के अंतर्गत सामान्य बच्चों के साथ पढ़ते हैं। उनके विकास की गति संतोषजनक है। यहां क्लासरूम की जगह प्रकृति के समक्ष प्रत्यक्ष विधि से पढ़ाई को जोड़ दिया जाता है।
अंगना म शिक्षा के अंतर्गत सभी बच्चों को व्यावहारिक शिक्षा दी जाती है। परंपराओं को स्थानीय लोहारों को हम परंपरा को पठन से हैं बहुप्रतीक्षित एवं बहुचर्चित कन्या सुरक्षा योजना को कन्या सम्मान के रूप में आगे बढ़ाया है। सभी बच्चों में यह भावना विकसित की है कि किसी को भी जेंडर पर आधारित भेदभाव नहीं करना है, बल्कि एक दूसरे का सम्मान करना है। गांव की लगभग 10 से 15 ड्रॉप आउट लड़कियों को स्कूल की सहायक शिक्षिका श्रीमती शीला गुरू गोस्वामी ने ओपन स्कूल के द्वारा उच्च शिक्षा तक पहुंचाया है। ये सभी बच्चे आगे पढ़कर जीवन में कुछ करने का इरादा रखते हैं। शिक्षिका श्रीमती गोस्वामी का सपना टीचर बनना था। वे बच्चों को अच्छी शिक्षा देकर उनका सर्वांगीण विकास करना चाहती हैं।

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