बिहार

पत्रकार दीपक विश्वकर्मा की पत्नी रागनी निकली हमलावरों की सरगना

नालंदा: बिहार के नालंदा जिले के पत्रकार की हत्या का षडयंत्र का पुलिस ने चौंकाने वाला खुलासा करते हुए मुजरिमों को गिरफ्तार किया है। एसआईटी की टीम ने पत्रकार दीपक विश्वकर्मा को गोली मारने के मामले में चार आरोपियों को गिरफ्तार भी कर लिया है। पुलिस ने बताया कि घटना को अंजाम देने के पीछे सबसे बड़ी मास्टमाइंड पत्रकार दीपक विश्वकर्मा की पत्नी ही स्वयं थी। पत्नी ने ही घटना का पूरा षड्यंत्र रचा और फिर इसे अंजाम दिया गया। पीड़ित की पत्नी रागनी पहले अपने पति को घूमने के लिए राजगीर ले गई और इसी दौरान 17 मार्च को वापस लौटते समय दीपनगर टोल प्लाजा के पास अपने प्रेमी को बुलाकर पति को गोली मरवा दी।

डीएसपी सदर नुरुल हक ने शनिवार को दीपनगर थाने में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर पूरी घटना का खुलासा करते हुए बताया कि रागनी का पहले से ही रहुई के रहने वाले एक अन्य युवक शशांक कुमार से प्रेम प्रसंग चल रहा था ।जिसके कारण दीपक विश्वकर्मा को रास्ते से हटाने के लिये उसने अपने प्रेमी के साथ मिलकर प्लानिंग की और फिर कर गोली मरवा दी। इस घटना में शामिल आरोपी पत्नी रागनी, शशांक कुमार, दीपक कुमार और साहिल कुमार को गिरफ्तार कर लिया गया है। इसके साथ ही घटना में इस्तेमाल किये गए पिस्टल, 3 कारतूस और बाइक को भी जब्त कर लिया गया है।

मिली जानकारी के अनुसार रागिनी पत्रकार दीपक विश्वकर्मा की दूसरी पत्नी थी और उसकी पहली पत्नी का निधन हो गया था। पत्नी के निधन के बाद उन्होंने रागनी से दूसरी शादी रचाई थी। बीते 17 मार्च को साजिश के तहत घूमने का बहाना करके पत्नी उन्हें राजगीर लेकर गई। इसी दौरान पहले से तय स्क्रिप्ट के अनुसार रास्ते में ही उसके प्रेमी ने पत्रकार दीपक विश्वकर्मा को गोली मार दी जिससे एक गोली उनके गले के आर-पार हो गई थी जबकि दूसरी गोली कंधे के पास अटक गई थी। गोली को पटना एम्स के चिकित्सकों द्वारा निकाल लिया गया और गले का ऑपरेशन भी किया गया ।फिलहाल दीपक विश्वकर्मा की स्थिति में अब सुधार बताया जा रहा है।

पुलिस के अनुसार पटना के फुलवारी शरीफ एम्स में इलाज के दरमियान तबीयत में थोड़ी सुधार होने पर नालंदा पुलिस ने जब पत्रकार दीपक विश्वकर्मा से पूछताछ की तो दीपक ने अपने पत्नी के प्रेम कहानी की जानकारी पुलिस को दी थी ।गौर तलब है कि दीपक विश्वकर्मा पर हमले के मामले में रागिनी के बयान पर ही थाने में केस दर्ज किया गया था। दीपक के बयान की गहराई से जांच पड़ताल के बाद हमले की कड़ी दर कडी खुलती गई और अंततः सच्चाई सामने आने पर नालंदा पुलिस ने रागिनी को एम्स में ही गिरफ्तार कर लिया।