मुंबई: कन्नड़ फिल्म ‘कोरगज्जा’ (Koragajja) का प्रमोशनल प्रेस कॉन्फ्रेंस 24 जनवरी को रात 8 बजे से कोच्चि के हॉलिडे इन होटल के ग्रैंड बॉलरूम में आयोजित किया जाना था, जिसके बाद ग्रैंड डिनर मीट भी रखी गई थी। लेकिन आरोप है कि इसी समय पर ममूटी (Mammootty) अभिनीत एक मलयालम फिल्म की प्रेस कॉन्फ्रेंस अचानक घोषित कर दी गई, जिससे ‘कोरगज्जा’ का यह कार्यक्रम प्रभावित हुआ।
‘कोरगज्जा’ की प्रेस मीट के लिए कोच्चि के सभी मीडिया हाउस को लगभग एक सप्ताह पहले ही PRO के माध्यम से निमंत्रण भेज दिए गए थे। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रसिद्ध अभिनेता कबीर बेदी (Kabir Bedi) और दक्षिण भारतीय सिनेमा की लगभग 100 फिल्मों में मुख्य भूमिका निभा चुकीं वरिष्ठ अभिनेत्री भव्या विशेष रूप से इस प्रेस मीट में शामिल होने के लिए कोच्चि पहुंचे थे।
लेकिन प्रेस मीट से ठीक एक दिन पहले ममूटी की टीम ने अपनी फिल्म ‘चाथापाच’ (Chathapach) की प्रेस कॉन्फ्रेंस उसी समय पर रख दी। आरोप है कि यह जानते हुए किया गया कि मीडिया प्रतिनिधि ‘कोरगज्जा’ की बजाय ममूटी के कार्यक्रम को प्राथमिकता देंगे। इसके चलते ‘कोरगज्जा’ की प्रेस मीट रद्द करनी पड़ी, जिसे कबीर बेदी समेत पूरी टीम ने अपमानजनक बताया।
फिल्म के निर्देशक सुधीर अट्टावर और निर्माता त्रिविक्रम सपल्या ने अपनी नाराज़गी जाहिर करते हुए कहा कि यह व्यवहार अस्वीकार्य है और इससे मलयालम फिल्म इंडस्ट्री की छवि पर भी सवाल उठते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि अंतरराष्ट्रीय अभिनेता कबीर बेदी, जो विशेष रूप से इस प्रेस कॉन्फ्रेंस के लिए कोच्चि आए थे, इस अचानक हुए घटनाक्रम से आहत महसूस कर रहे हैं।
‘कोरगज्जा’ टीम के पीआर को आधी रात में फोन आया, जिसमें कहा गया कि ममूटी की मलयालम फिल्म की टीम चाहती है कि ‘कोरगज्जा’ का प्रमोशनल इवेंट रद्द या स्थगित कर दिया जाए। यह सुनकर टीम हैरान रह गई, क्योंकि आयोजन पर पहले ही लाखों रुपये खर्च हो चुके थे। टीम को बताया गया कि ममूटी की टीम ने उसी समय अपनी प्रेस कॉन्फ्रेंस तय कर दी है, जिससे पत्रकारों का आना संभव नहीं होगा।
कबीर बेदी और अन्य कलाकारों के पहले से कोच्चि में मौजूद होने, होटल, ग्रैंड डिनर और ठहरने की व्यवस्थाओं पर लाखों रुपये खर्च हो जाने के कारण कार्यक्रम रद्द करना भारी नुकसान का सौदा था। इसके बावजूद टीम ने खुद को असहाय महसूस किया, क्योंकि ममूटी का प्रभाव काफी अधिक माना जाता है।
कोच्चि मुंबई, बेंगलुरु या हैदराबाद जैसा बड़ा शहर नहीं है, जहां हर मीडिया हाउस के पास अलग-अलग फिल्म पत्रकार होते हैं। छोटे शहरों में आमतौर पर एक ही पत्रकार फिल्म और खेल दोनों बीट संभालता है। ऐसे में आम प्रथा यही होती है कि एक ही समय पर दो बड़े फिल्मी कार्यक्रम न रखे जाएं और PRO आपस में समन्वय बनाकर काम करते हैं।
‘कोरगज्जा’ टीम का कहना है कि इस सामान्य उद्योग परंपरा की अनदेखी करते हुए ममूटी की टीम ने उसी समय अपना कार्यक्रम रखा, जिसके चलते उनका प्रेस मीट रद्द करना पड़ा। टीम को यह विश्वास करना मुश्किल लग रहा है कि पद्म भूषण सम्मानित अभिनेता ममूटी इस तरह का व्यवहार करेंगे और दूसरों के प्रमोशन की अनदेखी करेंगे।
ममूटी एक वरिष्ठ अभिनेता हैं और यह सर्वविदित है कि उनके कार्यक्रमों में मीडिया की भारी भीड़ उमड़ती है। ऐसे में यह अपेक्षित था कि उनकी टीम किसी भी टकराव से पहले मीडिया या पीआरओ से समन्वय करती। निर्देशक सुधीर अट्टावर ने सवाल उठाया कि आखिर ‘कोरगज्जा’ की प्रेस मीट में व्यवधान क्यों डाला गया, खासकर तब जब फिल्म में कई मलयालम तकनीशियन और गायक जुड़े हुए हैं।
अट्टावर ने यह भी कहा कि मलयालम फिल्मों को बेंगलुरु में बड़े स्तर पर प्रमोशन मिलता है और कन्नड़ मीडिया उनका पूरा समर्थन करता है। लाखों कन्नड़ दर्शक मलयालम फिल्में देखते हैं, ऐसे में यह घटना भाषा आधारित तनाव को भी जन्म दे सकती है।
कबीर बेदी ने कहा, “मैं मलयालम फिल्मों का प्रशंसक हूं और यह भाषा भारत के लगभग 25% राष्ट्रीय पुरस्कार जीत चुकी है। मैं मलयालम सिनेमा के प्रति सम्मान के चलते ‘कोरगज्जा’ के प्रमोशन के लिए कोच्चि आया था। यह घटना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है।” उन्होंने आगे कहा,“संभव है ममूटी को इसकी जानकारी न हो, लेकिन एक दिन पहले तय प्रेस मीट को इस तरह बाधित करना सही नहीं है। मीडिया या पीआरओ से समन्वय करना चाहिए था।”
इस घटना को अंतरराष्ट्रीय ख्यातिप्राप्त अभिनेता कबीर बेदी का अपमान बताया जा रहा है, जो विशेष रूप से इस प्रेस मीट के लिए उपस्थित थे। ‘कोरगज्जा’ टीम का कहना है कि ममूटी की टीम को इस कार्यक्रम में हस्तक्षेप करने का कोई अधिकार नहीं था, खासकर जब निमंत्रण पहले ही एक सप्ताह पहले भेज दिए गए थे।
वरिष्ठ अभिनेत्री भव्या ने भी नाराज़गी जाहिर करते हुए कहा कि कबीर बेदी जैसे सम्मानित और अंतरराष्ट्रीय पहचान रखने वाले कलाकार का इस तरह अनादर किया जाना अस्वीकार्य है।
निर्माता त्रिविक्रम सपल्या ने कहा, “हमने देशभर में प्रमोशनल इवेंट्स किए, मंगलुरु में ऑडियो लॉन्च के दौरान 100 से ज्यादा पत्रकार मौजूद थे। हर जगह हमें जबरदस्त समर्थन मिला, सिर्फ कोच्चि में यह दुर्भाग्यपूर्ण घटना घटी।”
उन्होंने बताया कि शाम 5 बजे सीमित मीडिया के साथ की गई पुनर्निर्धारित प्रेस मीट से फिल्म के प्रमोशन को नुकसान पहुंचा।
कई लोगों ने इस घटना की निंदा करते हुए इसे दुर्भाग्यपूर्ण बताया है और कहा है कि ममूटी की हालिया मलयालम फिल्म की टीम के कारण अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रसिद्ध अभिनेता कबीर बेदी का अपमान हुआ।

