Tamil Nadu Elections: 2026 के विधानसभा चुनावों (अप्रैल-मई में होने की उम्मीद) से पहले तमिलनाडु में राजनीतिक माहौल काफी गरमा रहा है, जिसका मुख्य कारण एक्टर थलपति विजय (Thalapathy Vijay) की तमिलगा वेट्री कज़गम (Tamilaga Vetri Kazhagam) का एक महत्वपूर्ण तीसरी ताकत के रूप में उभरना है।
2 फरवरी, 2026 को – TVK की तीसरी सालगिरह पर – विजय ने कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए दावा किया कि उनकी पार्टी की एंट्री ने चुनावी परिदृश्य को “बदल दिया है”, जिससे “पहले जैसी कोई नई स्थिति” बन गई है।
उन्होंने एकता और रणनीति का आग्रह करते हुए 2026 के चुनावों को “शासन की बागडोर संभालने” के लिए एक “लोकतांत्रिक लड़ाई” घोषित किया और TVK की जीत की भविष्यवाणी की।
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thehindu.com तमिलगा वेट्री कज़गम पार्टी ने द्रविड़ के खिलाफ लड़ने की घोषणा की।
क्यों गरमा रहा तमिलनाडु में राजनीतिक माहौल?
TVK की बढ़ती गति
विजय की बड़ी रैलियों में लाखों समर्थक आते हैं, जो उनके बड़े फैन बेस (खासकर युवा और शहरी मतदाता) का फायदा उठाते हैं। आंतरिक सर्वेक्षणों में 20-30% वोट शेयर की संभावना बताई गई है; विश्लेषकों का अनुमान 15-23% है। इससे DMK और AIADMK के वोट बंट सकते हैं।
गठबंधन की अटकलें
DMK के नेतृत्व वाले गठबंधन में सीट-बंटवारे के तनाव (कांग्रेस अधिक सीटों की मांग कर रही है) ने कांग्रेस के TVK के साथ तालमेल बिठाने की अफवाहों को हवा दी है। विजय के पिता ने कांग्रेस को समर्थन देने का संकेत दिया, जबकि TVK गठबंधन के लिए तैयार है लेकिन BJP के साथ संबंधों से इनकार करता है। विजय ने कहा है कि जरूरत पड़ने पर वह अकेले चुनाव लड़ेंगे।
बहुकोणीय मुकाबला
पारंपरिक द्विध्रुवीय मुकाबला (DMK बनाम AIADMK) अब त्रिकोणीय या चार-तरफा (NTK के सीमान के साथ) होने का जोखिम है। TVK खुद को भ्रष्टाचार विरोधी विकल्प के रूप में पेश करता है, DMK को “बुराई” और AIADMK को “घोटालेबाज” ताकतें बताता है।
मुख्य कदम
TVK को ‘सीटी’ का चुनाव चिन्ह मिला; विजय के वेलाचेरी (चेन्नई) से चुनाव लड़ने की संभावना है। पार्टी के महासचिव ने विजय को मुख्यमंत्री बनाकर TVK सरकार बनने की भविष्यवाणी की है।
बड़ा सवाल
क्या विजय फैन फॉलोइंग को वोटों और सीटों में बदल पाएंगे, या वह स्पॉइलर/किंगमेकर की भूमिका निभाएंगे?

