Prayagraj Tragedy: उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में एक कोल्ड स्टोरेज की इमारत ढहने से 4 मजदूरों की मौत हो गई और कम से कम 12 लोग घायल हो गए। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार को इस हादसे पर दुख व्यक्त करते हुए मृतकों को ₹2 लाख और घायलों को ₹50,000 की अनुग्रह राशि देने की घोषणा की है।
PTI की एक रिपोर्ट के अनुसार, इस घटना में चार मजदूरों की मौत हो गई और कम से कम 12 लोग घायल हो गए।
PMO India ने X पर एक पोस्ट में अनुग्रह राशि की घोषणा करते हुए लिखा, “उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में एक इमारत के ढहने से हुई दुर्घटना से गहरा दुख हुआ है। इस मुश्किल घड़ी में मेरी संवेदनाएं प्रभावित लोगों और उनके परिवारों के साथ हैं। मैं घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना करता हूं।”
PMO ने आगे कहा कि PMNRF से प्रत्येक मृतक के परिजनों को ₹2 लाख की अनुग्रह राशि दी जाएगी। घायलों को ₹50,000 दिए जाएंगे।
कोल्ड स्टोरेज सुविधा ढही, अमोनिया लीक की खबर
समाचार एजेंसी PTI ने बताया कि उत्तर प्रदेश के प्रयागराज के फाफामऊ इलाके में एक कोल्ड स्टोरेज सुविधा ढह गई। अधिकारियों ने बताया कि इस घटना के कारण अमोनिया गैस लीक हो गई।
‘द न्यू इंडियन एक्सप्रेस’ के अनुसार, मलबे के नीचे कम से कम 20 मजदूरों के फंसे होने की आशंका थी।
पुलिस उपायुक्त (गंगा नगर) कुलदीप गुणावत ने बताया कि इमारत अचानक ढह गई, जिससे मजदूर मलबे के नीचे फंस गए। उन्होंने कहा, “सभी घायल मजदूरों को बचा लिया गया है और उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया है।”
प्रयागराज: घायल मजदूरों को इलाज के लिए लेकर भागते पुलिस वाले।
वहां के लोग बता रहे हैं ऐसे ही दर्जनों बॉडी निकाली गई हैं।
घायल और मृतकों की एग्जैक्ट संख्या भी नहीं पता चल सकी है।
बहुत भयावह स्थिति है।
जिंदगी की कोई कीमत ही नहीं बची है।#PraygrajColdStorage pic.twitter.com/IVrGXzZqBQ— Sanjay Bharti(BSP) (@SanjayBhar83486) March 23, 2026
आठ लोगों को अस्पताल ले जाया गया
प्रयागराज के जिलाधिकारी मनीष कुमार वर्मा ने आज पत्रकारों को बताया कि लगभग आठ लोगों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जबकि राहत और बचाव कार्य जारी हैं।
उन्होंने बताया कि अधिकारी प्रभावित लोगों की सूची तैयार कर रहे हैं और आने वाले दिनों में घायलों तथा सुरक्षित लोगों की संख्या के बारे में और स्पष्ट जानकारी सामने आएगी। समाचार एजेंसी ANI की रिपोर्ट के अनुसार, उन्होंने यह भी घोषणा की कि इस घटना की मजिस्ट्रियल जांच कराई जाएगी।
बचाव अभियान जारी
घटना के बाद, कोल्ड स्टोरेज में अमोनिया लीक होने की सूचना मिली, जिसके बाद आपातकालीन प्रतिक्रिया शुरू की गई। अग्निशमन विभाग के कर्मियों ने स्थिति को नियंत्रण में लाने का काम किया, जबकि जिला प्रशासन और पुलिस की टीमों को भी घटनास्थल पर तैनात किया गया। अधिकारियों ने बताया कि घटनास्थल को सुरक्षित करने और किसी भी अतिरिक्त खतरे को कम करने के लिए कदम उठाए जा रहे हैं।
‘द न्यू इंडियन एक्सप्रेस’ ने बताया कि जब राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल (SDRF) और राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (NDRF) की टीमें घटनास्थल पर पहुंचीं, तो पांच JCB मशीनों का इस्तेमाल करके एक बचाव अभियान शुरू किया गया। मलबे से कम से कम नौ लोगों को बचाया गया। अधिकारियों ने अभी तक मरने वालों की कुल संख्या की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है।
पुलिस ने पूछताछ के लिए फैसिलिटी मैनेजर और कई कर्मचारियों को भी हिरासत में लिया है।
चश्मदीद ने बताया खौफनाक मंज़र
घटनास्थल पर मौजूद एक चश्मदीद ने बताया कि जब दोपहर करीब 2 बजे यह हादसा हुआ, तब बिहार के कई मज़दूर वहां मौजूद थे। उसने बताया कि उसने खुद मलबे से कुछ लोगों को बाहर निकालने में मदद की। उसके मुताबिक, आलू रखने की एक जगह (स्टोरेज फैसिलिटी) की दीवार तब ढह गई, जब वहां सामान चढ़ाने-उतारने का काम चल रहा था, और उस समय कुछ मज़दूर बैठकर खाना खा रहे थे। उसने आगे बताया कि पूरी फैसिलिटी पूरी तरह से तबाह हो गई।
चीफ फायर ऑफिसर चंद्र मोहन शर्मा ने बताया कि घटना के बाद इलाके में अमोनिया गैस की तेज़ मौजूदगी महसूस की गई।
(एजेंसी इनपुट्स के साथ)

