
सुकमा: प्रदेश के ग्रामीण क्षेत्रों में पशुपालन एक महत्वपूर्ण गतिविधि है जिससे कृषि पर आश्रित परिवारों को अनुपूरक आय प्राप्त होती है। सूखा एवं अन्य प्राकृतिक विपदाओं के समय पशुधन ही आय का एक मात्र स्त्रोत के रूप में उपलब्ध होता है। पशुधन विकास विभाग सुकमा द्वारा जिले के हितग्राहियों को शासन के योजनाओं का शत प्रतिशत लाभ प्रदाय किया जा रहा है। विभाग के द्वारा जिले के कृषकों और पशुपालकों को पशुपालन के लिए प्रोत्साहित करने के साथ ही आर्थिक रुप से सशक्त बनाने के उद्देश्य से व्यक्ति मूलक योजनाओं के तहत विभिन्न प्रकार के योजनाओं का संचालन किया जा रहा है। योजनांतर्गत पशुपालकों को पशुधन का वितरण किया जाता है, जिससे उन्हें आय के नए साधन मिले है। सुकमा जिले में सतत् तौर पर उद्योग एवं आबकारी मंत्री कवासी लखमा तथा स्थानीय जनप्रतिनिधियों के हाथों से हितग्राहियों को योजना के तहत पशुधन वितरण किया गया है।
योजनाओं के लाभ से ग्रामीणों को मिला अतिरिक्त आय का जरिया
बकरी पालन योजना के तहत विगत सत्र 130 स्व-सहायता समूहों की महिला हितग्राहियों को योजना का लाभ दिया गया। वर्तमान में वितरित बकरियों से बच्चे उत्पन्न हो कर वृद्धि पश्चात विक्रय करने योग्य हो गए। जिनको पारम्परिक कार्यक्रमों एवं मांस के रूप मे विक्रय कर हितग्राहियों के आर्थिक विकास मे सहायक सिद्ध हो रहा है। महिला स्व-सहायता समूहों को रोजगार के अवसर प्रदाय करते हुए आत्म निर्भर बनाने एवं कम लागत मे कुक्कूट पालन योजना को बढ़ावा देने के उद्देश्य से 28 दिवसीय 45 नग चूजें एवं कुक्कुट आहार भी प्रदाय किये गए। जिसके परिणामस्वरूप वर्तमान मंे वितरित चूजों के अच्छे रख-रखाव से वृद्धि पश्चात मुर्गीयों को 450 से 500 रूपये प्रति किलो की दर से एवं उत्पादित अंडो को पांच से छह रूपये प्रति नग की दर से स्थानीय ग्रामों, हाट बाजारों में विक्रय कर पशुधन आधारित जीविकोपार्जन के साधनों में बढ़ोतरी करते हुए अपनी आर्थिक स्थिति को सशक्त बना रहे है। विगत वर्ष 2020-21 मे राज्य डेयरी उद्यमिता विकास योजना के तहत अनुदान पर छह हितग्राहियों को उन्नत नस्लों के दुधारू गाय प्रदाय किया गया है जिनसे दुग्ध उत्पादन कर ग्रामों मे दुग्ध सेवन करने वालों को विक्रय कर अच्छी आमदनी प्राप्त कर रहे है।
उपसंचालक, पशुधन विकास विभाग सुकमा ने बताया कि छत्तीसगढ़ शासन पशुधन विकास विभाग द्वारा संचालित विभागीय व्यक्ति मूलक योजनाओं के अंतर्गत वित्तीय वर्ष-2020-21 मे जिला सुकमा में बैकयार्ड कुक्कूट पालन योजना अंतर्गत 350 हितग्राहियों को लाभ प्रदाय किया गया। इसी प्रकार सुकरत्रयी वितरण योजना के 15, सांड वितरण योजना के 03, मादावत्स पालन योजना के 12, नर बकरा वितरण योजना के 36 एवं बकरी पालन योजना के 130 हितग्राहियों का चयन कर लभान्वित किया गया। वर्ष 2021-22 के कार्ययोजना में पशुधन विकास विभाग, छत्तीसगढ़ शासन के द्वारा संचालित विभिन्न व्यक्तिमूलक, जनकल्याणकारी योजना अंतर्गत बैकयार्ड कुक्कूट पालन 447, नर बकरा वितरण 100, सुकरत्रयी वितरण-20,सांड वितरण 04, मादा वत्सपालन 06, राज्य डेयरी उद्यमिता विकास योजना के तहत 06 लक्ष्य प्राप्त हुए है जिसकी पूर्ति हेतु हितग्राहियों की सूची जिला पंचायत की सामान्य सभा एवं कृषि स्थायी समिति से अनुमोदन प्राप्त किया जा चुका है।


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