बेमेतरा: देश में कोरोना महामारी के प्रकोप के समय जब लाॅकडाउन लगाया गया था तो महात्मा गांधी नरेगा के माध्यम से ही गांव के मजदूरों को रोजगार के साधन मुहैया कराते हुए जिले के हजारों श्रमिकों को काम दिया गया। जिसमें महात्मा गांधी नरेगा अंतर्गत हितग्राही मूलक एवं आजीविका से संबंधित कार्य कराये गये है। जिसमें मुख्यतः तालाब गहरीकरण, डबरी निर्माण, पंचायत भवन, आंगनबाड़ी, जल संरक्षण एवं सिंचाई नाली आदि है। कलेक्टर एवं महात्मागांधी नरेगा के जिला समन्वयक शिव अनंत तायल के मार्गदर्शन एवं जिला पंचायत सीईओ श्रीमती रीता यादव के नेतृत्व मे जिले मे 649 कार्यों मे कुल 52231 मजदूर कार्य कर रहे हैं।
गांव के किसान एवं मजदूर खेती-किसानी एवं धान की फसल कार्य से निवृत्त होकर मनरेगा के कार्य में पहुंच रहे है। 10 फरवरी 2021 की स्थिति में जिले के चारों जनपद पंचायत क्रमशः बेमेतरा, नवागढ़, साजा, बेरला के कुल 429 ग्राम पंचायतों के 328 ग्राम पंचायतों में 649 कार्यो में कुल 52231 मजदूर काम कर रहे है। जिसमें जनपद पंचायत बेमेतरा के 110 ग्राम पंचायतों में से 93 ग्राम पंचायत में 12774, नवागढ़ के 111 ग्राम पंचायतों में से 83 ग्राम पंचायत में 14539, साजा में 106 ग्राम पंचायतों में 85 ग्राम पंचायत में 13136 एवं बेरला के 102 ग्राम पंचायतों में से 67 ग्राम पंचायत में 11782 मजदूर काम कर रहे है।
जिसमें मुख्यतः पंचायत भवन निर्माण, जल सरंक्षण, नया तालाब गहरीकरण, डबरी निर्माण, मेढ़ बधंन, नरवा बंधान आदि के कार्य किये जा रहे है। जिला प्रशासन का उद्देश्य है कि स्थानीय मजदूरों को उनके गांव में ही रोजगार मिले और उन्हें कार्य के लिए अनावश्यक न भटकना पड़े। इसके लिए मनरेगा के माध्यम से अधिक से अधिक कार्य स्वीकृत किये जा रहे है।
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