
धमतरी: नगरी विकासखण्ड के रायपारा केरेगांव निवासी नारदराम ध्रुव का परिवार कोरोना वायरस के संक्रमण की चपेट में आ गया, लेकिन वह अपनी सूझबूझ जागरूकता से सही समय पर सबका टेस्ट कराकर तथा चिकित्सक की सलाह से उचित उपचार कराकर कोरोना को हराने में कामयाब रहा। सामान्य लक्षण दिखते ही खुद के साथ-साथ पूरे परिवार का टेस्ट कराया। गौर करने लायक बात यह रही कि श्री ध्रुव के माता और पिता जिनकी उम्र 80 से भी अधिक है, ने कोरोना के संक्रमण के खिलाफ जंग लड़कर उसकी जद से बाहर आ गए।
नारदराम ध्रुव ने बताया कि उनके परिवार में सबसे पहले उनकी बहू को कुछ दिनों से हल्का बुखार आ रहा था। चूंकि 25 वर्षीय बहू 08 माह से गर्भवती थी, इसलिए उन्होंने तनिक भी देरी न करते हुए 07 अप्रैल को टेस्ट कराया जो कि पाॅजीटिव आया, फिर 30 साल के बेटे का भी टेस्ट कराया और वह भी पाॅजीटिव पाया गया। बाद में डॉक्टर की सलाह पर 80 वर्ष से अधिक उम्र के पिता और माता का टेस्ट कराए जाने पर वे दोनों भी कोविड धनात्मक मिले। और तो और, पोता पौने 3 साल का पोता और पड़ोस का एक बच्चा जो अक्सर उनके पोते के साथ खेलता था वह भी पाॅजीटिव मिला। अच्छी बात यह रही की परिवार के मुखिया श्री नारदराम व उनकी पत्नी की जांच रिपोर्ट निगेटिव आई। उन्होंने बताया- ‘मेरे माता-पिता और बहू-बेटा चारों को नगरी स्थित कोविड केयर सेंटर में दाखिल किया गया और दोनों बच्चों को घर पर ही दवाई खिलाई गई। लगातार 10 दिनों तक कोविड प्रोटोकाॅल का पालन करने, चिकित्सीय स्टाफ द्वारा समय पर आवश्यक उपचार करने के बाद बुजुर्ग मां-बाप और युवा बेटा-बहू कोविड सेंटर से सभी सकुशल घर लौट आए। वहीं घर पर अलग-थलग रह रहे बच्चे भी निगेटिव आ गए थे।‘
नारदराम ध्रुव ने आभार प्रकट करते हुए कहा कि यह शासन-प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग की कड़ी मेहनत का ही परिणाम है कि आज पूरा परिवार स्वस्थ व सुरक्षित है। स्वास्थ्य विभाग की सतत् निगरानी उन्होंने अपना अनुभव साझा करते हुए कहा कि इस बीमारी को हल्के में लेना या लक्षण के बाद भी छुपाना बहुत बड़ी गलती है। उन्होंने कहा कि कोविड से लड़ने टीकाकरण पर भरोसा करके अपने परिवार को बेहतर ढंग से सुरक्षित रख सकते हैं।


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