
रायगढ़: जिले में कोरोना संक्रमण से निपटने के लिये कलेक्टर भीम सिंह के नेतृत्व में जिला प्रशासन एवं स्वास्थ्य विभाग की टीम हर संभव प्रयास कर रही है, जिससे संक्रमण की जल्द से जल्द रोकथाम हो। लोगों को जागरूक करने के उद्देश्य से कोरोना गाईड लाईन का भरपूर प्रचार-प्रसार कराया जा रहा है। इस दौर में सबको सतर्क रहने और सर्दी, खांसी या बुखार के लक्षण या कुछ असहज महसूस करने पर तत्काल जांच और इलाज कराने को जागरूक किया जा रहा है। लेकिन उसके बावजूद कई ऐसे मामले सामने आ रहे हैं जहां लापरवाही और अनदेखी के चलते कोरोना संक्रमण के भयावह परिणाम सामने आए हैं। लक्षण होने और देरी से कोविड टेस्ट कराने या झोलाछाप डॉक्टरों से इलाज कराना महंगा पड़ रहा है।
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी कार्यालय से प्राप्त जानकारी के अनुसार विकासखण्ड पुसौर की एक महिला जिसे 25 मई 2021 को पहली बार लक्षण आने पर वह घर पर ही झोलाछाप डॉक्टर से इलाज करवाकर दवाई लेती रही। 31 मई को जब महिला की स्थिति एकदम गंभीर हो गयी और सांस लेने में दिक्कत हुई तो वह शाम 5 बजे सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र पुसौर आयी और जांच करायी। एंटीजन जांच में उनकी रिपोर्ट पॉजिटिव आयी। अस्पताल आने के लगभग 1 घंटे के भीतर महिला का निधन हो गया। लक्षणों की अनदेखी करना, देरी से हॉस्पिटल आने से उनको समय पर सही इलाज नही मिल पाया और उनको बचाया नही जा सका।
जागरूकता एवं सतर्कता है जरूरी
कोरोना के शुरूआती लक्षणों को लेकर सतर्क रहें। झोलाछाप डॉक्टरों से इलाज न करायें। जागरूकता एवं सतर्कता बरतते हुये पहले दिन से ही बिना देरी करें हॉस्पिटल में जाकर अपना टेस्ट करायें। लक्षण हो तो डॉक्टर से परामर्श कर तत्काल दवा लेना शुरू करें। ऑक्सीजन लेवल की लगातार मॉनिटरिंग करें। ऑक्सीजन लेवल 94 से नीचे आने पर तत्काल अस्पताल शिफ्ट हों। जिससे जल्द रिकवरी हो।

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