दिल्ली/एन.सी.आर.

Delhi Pollution Update: AQI में सुधार के बाद GRAP-1 हटाया, लोगों को राहत

Delhi Pollution Update: दिल्ली-एनसीआर में प्रदूषण स्तर में गिरावट और AQI में स्पष्ट सुधार के बाद, कमीशन फॉर एयर क्वालिटी मैनेजमेंट (CAQM) ने बड़ा फैसला लेते हुए GRAP के स्टेज-I के तहत लागू सभी पाबंदियों को तत्काल प्रभाव से हटा दिया।

एक आधिकारिक आदेश के अनुसार, यह फैसला तब लिया गया जब सोमवार, 4 मई को शाम 4:00 बजे दिल्ली का ‘एयर क्वालिटी इंडेक्स’ (AQI) सुधरकर 88 पर पहुंच गया। बारिश और मौसम के अनुकूल हालात की वजह से AQI ‘संतोषजनक’ कैटेगरी में आ गया।

हवा की मौजूदा क्वालिटी के हालात और मौसम के पूर्वानुमान की समीक्षा करने के बाद, GRAP पर बनी सब-कमेटी ने पाया कि आने वाले दिनों में भी AQI का स्तर ‘संतोषजनक से मध्यम’ रेंज में ही रहने की संभावना है।

एक अधिकारी ने बताया, “इसके अलावा, IMD और IITM के पूर्वानुमान से संकेत मिलता है कि आने वाले दिनों में AQI ‘मध्यम’ कैटेगरी में ही रहने की संभावना है।”

हालात में सुधार को देखते हुए, कमीशन ने NCR भर में स्टेज-I (‘खराब’ हवा की क्वालिटी) की पाबंदियां लागू करने वाले अपने पिछले आदेश को रद्द कर दिया।

हालांकि, CAQM ने सभी संबंधित राज्य सरकारों और एजेंसियों को निर्देश दिया कि वे सतर्क रहें और हवा की क्वालिटी में किसी भी तरह की गिरावट को रोकने के लिए मौजूदा दिशा-निर्देशों, सलाहों और प्रदूषण नियंत्रण उपायों का सख्ती से पालन सुनिश्चित करें।

कमीशन ने यह भी कहा कि वह हालात पर लगातार करीब से नज़र रखेगा और किसी भी ज़रूरी कार्रवाई के लिए समय-समय पर हवा की क्वालिटी के स्तर की समीक्षा करता रहेगा।

GRAP-1 के तहत पाबंदियां 16 अप्रैल को जारी एक आदेश के बाद से ही लागू थीं।

CAQM ने लगाया पर्यावरण मुआवजा (Environmental Compensation)
8 अप्रैल को, CAQM ने दिल्ली के 300 किलोमीटर के दायरे में आने वाले छह कोयला-आधारित ‘थर्मल पावर प्लांट’ (TPP) पर कुल मिलाकर लगभग ₹61.85 करोड़ का ‘पर्यावरण मुआवजा’ (EC) लगाया। यह कार्रवाई उन वैधानिक प्रावधानों का पालन न करने पर की गई, जिनके तहत कोयले के साथ-साथ बायोमास का इस्तेमाल करना अनिवार्य है।

यह कार्रवाई ‘पर्यावरण (थर्मल पावर प्लांट द्वारा फसल अवशेषों का उपयोग) नियम, 2023’ के उल्लंघन के बाद की गई है। इन नियमों के तहत सभी कोयला-आधारित TPP के लिए यह ज़रूरी है कि वे कोयले के साथ 5 प्रतिशत बायोमास पेलेट्स या ब्रिकेट्स का मिश्रण (blend) इस्तेमाल करें; साथ ही, वित्त वर्ष 2024-25 के लिए ‘को-फायरिंग’ (co-firing) की न्यूनतम सीमा 3 प्रतिशत तय की गई है।

एक प्रेस विज्ञप्ति में बताया गया कि इन नियमों को फसल अवशेषों के ‘एक्स-सीटू प्रबंधन’ (खेत के बाहर प्रबंधन) को बढ़ावा देने, धान की पराली जलाने की घटनाओं पर रोक लगाने और NCR व आसपास के इलाकों में वायु प्रदूषण को कम करने के उद्देश्य से अधिसूचित किया गया था। आयोग ने एक वैधानिक निर्देश भी जारी किया और समय-समय पर समीक्षाओं, हितधारकों के साथ परामर्श और संयुक्त निरीक्षण दौरों के माध्यम से इसके अनुपालन की लगातार निगरानी की।

(एजेंसी इनपुट के साथ)