धर्म-कर्म

सबसे ऊंची इको-फ्रेंडली गणपति प्रतिमा ‘बूमरैंग का राजा’ का भव्य अनावरण

चांदिवली, अंधेरी ईस्ट स्थित बूमरैंग टॉवर में आज दुनिया की सबसे ऊंची इको-फ्रेंडली गणपति प्रतिमा (eco-friendly Ganpati) “बूमरैंग का राजा” (Boomerangs ka Raja) का भव्य अनावरण हुआ।

मुंबई: गणेशोत्सव (Ganeshotsav) के अवसर पर मुंबई ने इतिहास रच दिया है। चांदिवली, अंधेरी ईस्ट स्थित बूमरैंग टॉवर में आज दुनिया की सबसे ऊंची इको-फ्रेंडली गणपति प्रतिमा (eco-friendly Ganpati) “बूमरैंग का राजा” (Boomerangs ka Raja) का भव्य अनावरण हुआ। 26 फीट ऊंची और पूरी तरह से पर्यावरण-अनुकूल यह प्रतिमा अब न केवल गणेश भक्तों के लिए आस्था का केंद्र है, बल्कि पर्यावरण संरक्षण का संदेश भी दे रही है।

इस ऐतिहासिक प्रतिमा का अनावरण नमो नमो संगठन के अध्यक्ष अरुण कुमार शर्मा और बूमरैंग स्टाफ द्वारा किया गया। यह पहल वर्ल्ड बुक ऑफ रिकॉर्ड्स में दर्ज हो चुकी है, जहाँ इसे दुनिया की सबसे ऊंची इको-फ्रेंडली गणपति प्रतिमा के रूप में मान्यता दी गई है।

इस अवसर पर कई गणमान्य हस्तियों और भक्तों ने बप्पा के दर्शन किए। अभिनेत्री एकता जैन भी विशेष रूप से गणपति के दर्शन के लिए पहुंचीं और इस अनोखी पहल की सराहना की।

क्यों खास है यह प्रतिमा?

वर्ल्ड रिकॉर्ड धारक: इसे वर्ल्ड बुक ऑफ रिकॉर्ड्स में दर्ज किया गया है।

पर्यावरण-अनुकूल निर्माण: 1,800 टिश्यू पेपर के डिब्बे, 22 किलो गोंद और 45 किलो लोहे का इस्तेमाल।

विशेष कला का नमूना: मूर्तिकार राजेश दिगंबर मयेकर ने इसे तैयार किया है, जो 2007 से इको-फ्रेंडली गणपति प्रतिमाएं बना रहे हैं।
भव्यता का प्रतीक: 26 फीट ऊंचाई और 300 किलो वजन इसे अद्वितीय बनाते हैं।

अनावरण के अवसर पर अरुण कुमार शर्मा ने कहा, “यह सिर्फ ऊंचाई का रिकॉर्ड बनाने का प्रयास नहीं है, बल्कि यह आने वाली पीढ़ियों के लिए एक संदेश है कि उत्सव मनाने के साथ-साथ प्रकृति की रक्षा करना भी हमारी जिम्मेदारी है।”

गौरतलब है कि कोरोना काल में अरुण कुमार शर्मा ने पहली बार इको-फ्रेंडली गणपति की पहल की थी और अब यह रिकॉर्ड तोड़ प्रतिमा उनके उसी विज़न का विस्तार है। मुंबई अब “बूमरैंग का राजा” के साथ गणेशोत्सव को भव्यता, जिम्मेदारी और वैश्विक मान्यता के साथ मना रही है।