Netzero

विश्व को स्वच्छ ऊर्जा प्रदान करेगी ब्रिटेन और भारत की यह ग्रीन ग्रिड

in Op-ed

यूके के प्रधान मंत्री बोरिस जॉनसन और भारतीय प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी ने संयुक्त रूप सेCOP26 वर्ल्ड लीडर्स समिट में एक नई प्रमुख अंतर्राष्ट्रीय पहल की शुरुआत की, जिसे 80 से अधिक देशों द्वारा समर्थित किया गया था, और जिससे वैश्विक स्तर पर एनर्जी ट्रांज़िशन में नाटकीय रूप से परिवर्तन किया जा सके।

Wildfire

COP26 में वन संरक्षण पर चर्चा ज़रूरी, निर्णायक

in Op-ed

विश्व संसाधन संस्थान के अनुसार हमारे वन, कुल CO2 उत्सर्जन का 30% अवशोषित कर लेते हैं। वनों की कटाई का मतलब है कि हम इस प्राकृतिक कार्बन सिंक को खो रहे हैं और वनों में संग्रहित कार्बन मुक्त होने से उत्सर्जन में वृद्धि कर रहे हैं, उदाहरण के लिए, जब पेड़ मर जाते हैं या जल जाते हैं। 2019-20 के बीच, उष्णकटिबंधीय वन खोने से 2.6 बिलियन मीट्रिक टन CO2 का उत्सर्जन हुआ, जो 570 मिलियन कारों से वार्षिक उत्सर्जन के बराबर है।

Methaneemissions

मीथेन उत्सर्जन पर लगाम कसेगी यह ऑब्जर्वेटरी

in Op-ed

संयुक्त राष्ट्र पर्यावरण कार्यक्रम (यूएनईपी) ने यूरोपीय संघ के समर्थन से मीथेन उत्सर्जन को कम करने के लिए एक कार्यवाही के अंतर्गत  एक नई ऑब्जर्वेटरी का शुभारंभ किया। मीथेन एक शक्तिशाली ग्रीनहाउस गैस है जो की वर्तमान में जलवायु वार्मिंग के कम से कम एक चौथाई के लिए जिम्मेदार है।

Assam

विस्थापन की दुविधाः इंसानियत पर नफरत हुई हावी!

in Op-ed

पूरा देश एक अजीबोगरीब दौर से गुजर रहा है। ऐसा नहीं है कि हिंसा भारत के लिए नई है, लेकिन यह इतनी ज़बरदस्त और इतनी बेशर्म पहले कभी नहीं थी!

जब सरकार अपने ही लोगों के खिलाफ आक्रामकता के साथ कार्य करती है, तो मौत के तांडव की अपेक्षा कर सकते हैं। इस बार यह कृत्य बिजॉय शंकर बनिया द्वारा किया गया था, जिन्होंने मोइनुल हक की लाश के साथ क्रूरता दिखाई थी, जिसने पुलिस की गोलियों से दम तोड़ दिया था। जब नफरत ने दिमाग को पंगु बना दिया हो और सोच में जहर भर दिया गया हो, तो कुछ भी संभव है।

Climate Change

संयुक्त राष्ट्र की यह रिपोर्ट जलवायु अनुकूलन के लिए परिवर्तनकारी दृष्टिकोण का करती है आह्वान

in Op-ed

व्यापार और विकास पर संयुक्त राष्ट्र की एक ताज़ा रिपोर्ट में कहा है कि विश्व को जलवायु अनुकूलन के लिए न सिर्फ़ एक परिवर्तनकारी दृष्टिकोण की आवश्यकता है, बल्कि ऐसा करना बड़े पैमाने पर सार्वजनिक निवेश कार्यक्रमों के साथ विकास और रोजगार सृजन को बढ़ावा देने के लिए औद्योगिक नीतियों द्वारा समर्थित वर्तमान और भविष्य के खतरों से निपटने के लिए ज़रूरी है।