Biodiversity

संयुक्त राष्ट्र का यह महासम्मलेन कस सकता है जैव विविधता के नुकसान पर लगाम

in Op-ed

लिविंग इन हार्मनी विद नेचर के 2050 के लक्ष्य लेकर बढ़ेगा कल से चीन में वर्चुअल रूप से शुरू होने वाला यह जैव विविधता महा सम्मलेन

मानव इतिहास में किसी भी वक़्त की तुलना में हम आज सबसे तेज़ी से जैव विविधता खो रहे हैं। इस घटनाक्रम  पर लगाम कसने के लिए वैश्विक स्तर पर सहमति की सख्त ज़रुरत है और यह सहमति जलवायु परिवर्तन के समाधान में लगभग एक तिहाई योगदान कर सकती है।

Greenrecovery

ग्रीन रिकवरी के लिए भारत में टास्क फ़ोर्स का गठन ज़रूरी

in Op-ed

एक नई रिपोर्ट बताती है कि पर्यावरण को केंद्र में रखते हुए महामारी के बाद आर्थिक रिकवरी से मिलेंगे अधिक रोज़गार, लम्बी अवधि में विकास को मिलेगा बढ़ावा और बचाये जा सकेंगे तमाम जीवन।

बच्चों के इन्वेस्टमेंट फण्ड  फाउंडेशन, ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी इकोनॉमिक रिकवरी प्रोजेक्ट, और विविड इकोनॉमिक्स की एक नई रिपोर्ट के मुताबिक  पर्यावरण को विशेषतः ध्यान  में रखकर अगर Covid  19  से उबरा जाय तो रोज़गार बढ़ेंगे ही साथ में लम्बी अवधि के विकास होंगे और जीवन बचाये जा सकेंगे।

Carbon Footprint

इन G20 देशों में जनजीवन से जुड़े कार्बन फुटप्रिंट हैं बहुत अधिक

in Op-ed

हॉट ऒर कूल इंस्टीट्यूट द्वारा किये गये एक नए शोध में पाया गया है कि G20 समूह में विश्लेषण किए गए सभी देशों ने 2050 के लिए जनजीवन से जुड़े कार्बन पदचिह्न को पार कर लिया है और इसमें तेज़ी से और आमूल-चूल कटौती की ज़रूरत है। सिर्फ व्यक्तिगत व्यवहार परिवर्तनों पर ध्यान केंद्रित करना इन कटौती को प्राप्त करने के लिए पर्याप्त नहीं होंगे, इसलिए रिपोर्ट उन नीतियों की छान-बीन करती है जो सरकारें हरित जीवनशैली का मार्ग प्रशस्त करने के लिए लागू कर सकती हैं।

Globalcitizenship

पहली ग्लोबल सिटिजन असेम्बली की हो रही है शुरुआत

in Op-ed

COP26 के संदर्भ में वैश्विक सुशासन के लिये नयी ऑपरेटिंग प्रणाली होगी कल से जारी 

वैश्विक सुशासन के लिये ग्लोबल सिटीजंस असेम्बली नाम से एक नयी ऑपरेटिंग प्रणाली का लोकार्पण कल किया जायेगा। कल से शुरू हो रही ग्‍लोबल असेम्‍बली का उद्देश्‍य धरती पर रहने वाले हर व्‍यक्ति को वैश्विक सुशासन में हिस्‍सा लेने के लिये एक व्‍यावहारिक रास्‍ता उपलब्‍ध कराना है। ग्‍लोबल असेम्‍बली के सदस्‍य सीओपी26 जलवायु सम्‍मेलन में नीति निर्धारकों के सामने अपने विचार प्रस्‍तुत करेंगे।

Monsoon

रोलर कोस्टर सा रहा 2021 में मानसून का मौसम

in Op-ed

भारत में लंबी अवधि के औसत (LPA) (एलपीए) के 99% की सामान्य वर्षा दर्ज की जाने के साथ, चार महीने तक चलने वाला दक्षिण-पश्चिम मॉनसून 2021 आधिकारिक तौर पर समाप्त हो गया है। 1 जून से 30 सितंबर तक पूरे मौसम के लिए देश भर में संचयी वर्षा 880.6 मिमी की सामान्य बारिश के मुक़ाबले 874.6 मिमी पर दर्ज की गई। जबकि ऐसा लगता है कि देश ने साल के अपने वर्षा लक्ष्य को पूरा कर लिया है, मगर मानसून की यात्रा काफ़ी असामान्य रही है।