Coalpower

600 कंपनियों ने किया जी-20 का आह्वान, कहा बंद हो कोयला बिजली का वित्तपोषण

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जी-20 देशों में काम कर रही कंपनियों ने सरकारों से वैश्विक तापमान में वृद्धि को डेढ़ डिग्री सेल्सियस के अंदर रखने के लक्ष्य की प्राप्ति पर सार्वजनिक धन खर्च करने का आग्रह किया है।

दुनिया की सबसे बड़ी कंपनियों समेत सैकड़ों कारोबारी नेतृत्वकर्ताओं ने जी20 और सीओपी26 की बेहद महत्वपूर्ण बैठकों में अपने-अपने राष्ट्रीय जलवायु लक्ष्यों को और मजबूत करने के लिए सामूहिक रूप से सहमति देने की अपील की है।

Plnats

वायु प्रदूषण से निपटने के लिए नागरिक समाज संगठनों ने मिलाया हाथ

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इंटरगवर्नमेंटल पैनल ऑन क्लाइमेट चेंज (आईपीसीसी) द्वारा जारी शोध-आधारित साक्ष्य में हालिया उछाल और डब्ल्यूएचओ द्वारा वायु गुणवत्ता दिशानिर्देशों के नवीनतम संशोधन ने बेहतर स्वास्थ्य के लिए स्वच्छ हवा की आवश्यकता पर पुन: जोर दिया है। भारत दुनिया के सबसे प्रदूषित देशों की सूची में शीर्ष स्‍थान पर है,  और (वायु गुणवत्ता जीवन सूचकांक - AQLI द्वारा जारी नवीनतम रिपोर्ट के अनुसार) एक भारतीय के औसत जीवनकाल को 6.3 वर्ष कम कर देता है । उत्तर प्रदेश के कई शहरों से मिलकर बने भारत-गंगा के मैदान सबसे बुरी तरह प्रभावित हैं। उत्तर प्रदेश के 16 शहरों को राष्ट्रीय स्वच्छ वायु कार्यक्रम के तहत शामिल करने के लिए चिन्हित किया गया है और इस समस्‍या का पता करने की तत्काल आवश्यकता है।

Carbon Neutral

गुजरात, बिहार, लद्दाख समेत देश के कई राज्य कार्बन न्यूट्रल बनने की राह पर

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देश में कार्बन न्युट्रेलिटी का भविष्य कितना उज्ज्वल है इसका अंदाज़ा इसी से लग जाता है जब पता चलता है कि देश कुछ राज्यों ने इस दिशा में बेहद सकारात्मक कदम उठाये हैं।

जहाँ अपनी भविष्य की सभी बिजली जरूरतों को पूरा करने के लिए अकेले रिन्युब्ल एनर्जी पर निर्भर होने का फैसला कर गुजरात अपनी सीमा में उत्सर्जन को महत्वपूर्ण रूप से कम करने की राह पर है, वहीँ केंद्र शासित प्रदेश लद्दाख, सौर और पवन ऊर्जा के साथ रिन्यूएबल ऊर्जा के क्षेत्र में 10 GW की विशाल क्षमता विकास की दिशा में काम कर रहा है। इतना ही नहीं, लद्दाख 50MWh बैटरी भंडारण क्षमता भी स्थापित कर रहा है — जो भारत की अब तक की सबसे बड़ी क्षमता है। इसी क्रम में बिहार ने 2040 तक कम कार्बन मार्ग विकसित करने पर काम शुरू कर दिया है।

Mumbai

वैश्विक 'रेस टू ज़ीरो' अभियान में शामिल हुए महाराष्ट्र के 43 शहर

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इस साल की शुरुआत में, अपनी जलवायु कार्य योजना को मज़बूत करने के लिए जलवायु समूह के अंडर2 गठबंधन में शामिल होने के बाद अब महाराष्ट्र के पर्यावरण और पर्यटन मंत्री आदित्य ठाकरे ने एक कार्यक्रम में घोषणा की है कि महाराष्ट्र के 43 शहर और शहरी समूह अपने कार्बन पदचिह्न को कम करने के लिए, जो अधिकांश इसके शहरी केंद्रों से आता है, संयुक्त राष्ट्र के वैश्विक रेस टू ज़ीरो अभियान में शामिल हो रहे हैं। पहले, इस पश्चिमी राज्य के केवल पांच शहर इस अभियान का हिस्सा थे।

Oil

जलवायु संकल्पों को कर दरकिनार, आर्कटिक के तेल उद्योग में झोंके जा रहे हैं अरबों डॉलर लगातार

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तेल और गैस कंपनियां अगले पांच वर्षों में, आर्कटिक क्षेत्र में अपने उत्पादन में 20 प्रतिशत की वृद्धि करने की तैयारी में हैं। और यह तब है जब इन कम्पनियों में से अधिकांश उस प्रान्त में फॉसिल फाइनेंसिंग को सीमित करने के लिए प्रतिबद्ध हैं और संयुक्त राष्ट्र ने चेतावनी भी दी है कि आर्कटिक में तापमान वृद्धि और क्षेत्रों की तुलना में दोगुनी रफ़्तार से हो रही है और वहां की जलवायु ब्रेकडाउन की स्थिति पर पहुँच रही है।