Pollution

COP26 में भारत ने ज़ीरो एमिशन वेहिकल्स को प्राथमिकता देने का लिया संकल्प

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इस ग्लासगो समझौते ने की पेट्रोल और डीजल वाहनों के लिए सड़क के अंत की शुरुआत

दुनिया के चौथे सबसे बड़ा ऑटो बाज़ार, भारत ने रवांडा, केन्या के साथ संयुक्त राष्ट्र जलवायु परिवर्तन सम्मेलन (COP26) में, अपने बाजारों में शून्य उत्सर्जन वाहनों (ZEV) के ट्रांजिशन में तेजी लाने के लिए प्रतिबद्धता दिखाते हुए एक समझौते पर हस्ताक्षर कर दिए हैं।

Global Warming

REDD+ कार्बन फाइनेंस से जुड़ी अस्‍पष्‍टता को दूर करना बेहद ज़रूरी: विशेषज्ञ

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पूरी मानवता के अस्तित्‍व के लिये खतरा बन रही ग्‍लोबल वार्मिंग को रोकने के लिये वैश्विक तापमान में वृद्धि को 1.5 डिग्री सेल्सियस तक सीमित रखने के अधिक प्रभावी उपाय तलाशने के मकसद से ब्रिटेन के ग्‍लासगो में आयोजित COP26 शिखर वार्ता में विभिन्‍न विषयों पर चर्चा हुई। इस सन्दर्भ में विशेषज्ञों का मानना है कि समयबद्धता, जवाबदेही और क्रियान्‍वयन को लेकर स्‍पष्‍टता की कमी के कारण इन मुद्दों से काफी भ्रम की विकट स्थिति पैदा हुई है।

Cop26

COP26: बड़ी अर्थव्यवस्थाओं के लिए कमज़ोर देशों के समर्थन में अपने पत्ते खेलने की ज़रूरत

in Op-ed

एक बेहद तेज़ घटनाक्रम में यूके की COP प्रेसीडेंसी ने ग्लासगो क्लाइमेट समिट के लिए फैसलों का एक नया मसौदा जारी किया है। इस मसौदे की भाषा सशक्त है और इशारा करती है कि अंततः फैसलों की शक्ल कैसी हो सकती है। लेकिन इस मसौदे को ले कर विशेषज्ञों की कुछ चिंताएं हैं। इनमें चिंता का मुख्य विषय है इस मसौदे का जलवायु वित्त, अनुकूलन, और जलवायु हानि जैसे प्रमुख मुद्दों पर पर्याप्त प्रतिबद्धता का न होना।  उदाहरण के लिए, अनुकूलन वित्त को बढ़ाने के लिए कोई तिथि या समायावली नहीं है। हालांकि इस दिशा में मंत्रिस्तरीय परामर्श की शक्ल में मसौदे में अनिश्चितता दिखाई दे रही है।

Cash

नोटबंदी के 5 सालः कहां खड़े हैं हम आज?

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डिजिटलीकरण में सुधार हुआ है लेकिन अभी भी नकद लेनदेन का एक बहुत छोटा अंश है। इसके अलावा, हमारे जैसे देश में डिजिटलीकरण केवल शहरों में ही संभव है

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 8 नवंबर 2016 को यह घोषणा किए पांच साल हो गए हैं कि 500 ​​और 1000 के नोट आधी रात से वैध नहीं होंगे। संक्षिप्त प्रसारण ने प्रत्येक भारतीय के जीवन में एक आदर्श परिवर्तन किया। घोषणा के बाद अराजकता और भ्रम की स्थिति पैदा हो गई। नोट बदलने के लिए बैंकों के बाहर लंबी-लंबी कतारें देखी गईं। यह भारत के लिए सच्चाई का क्षण था। नोट बदलने के लिए 70 से ज्यादा लोगों की जान चली गई।

Pollution

इधर ला नीना बर्पायेगा सर्द कहर, उधर पराली घोलेगी हवा में ज़हर

in Op-ed

जहाँ एक और ला नीना के लगातार दूसरे साल प्रकट होने से मौसम विज्ञानी एक तीव्र सर्दी अपेक्षित कर रहे हैं, वहीँ उत्तर भारत में आने वाले महीनों में गंभीर वायु प्रदूषण भी अपेक्षित है। अक्टूबर में भले ही पराली जलाने की घटनाओं की कम संख्या और व्यापक बारिश और हिमपात ने प्रदूषण को नियंत्रण में रखा, लेकिन स्थिति अब बदलती दिख रही है।