Asha Bhosle Death Cause: मशहूर गायिका और पद्म विभूषण से सम्मानित आशा भोसले का आज सुबह, 12 अप्रैल को निधन हो गया। आशा भोसले 92 साल की थीं। भारतीय संगीत के इतिहास की सबसे मशहूर और हर तरह के गाने गाने वाली आवाज़ों में से एक, उन्होंने अपने पीछे आठ दशकों से भी ज़्यादा की विरासत छोड़ी है।
आशा भोसले को शनिवार शाम को बहुत ज़्यादा थकान और सीने में इन्फेक्शन की वजह से मुंबई के ब्रीच कैंडी अस्पताल में भर्ती कराया गया था। कई एजेंसी की रिपोर्टों में सूत्रों के हवाले से कहा गया है कि इस दिग्गज गायिका को कार्डियक अरेस्ट हुआ था और उन्हें फेफड़ों से जुड़ी दिक्कतें भी थीं।
ब्रीच कैंडी अस्पताल के डॉ. प्रतीत समदानी ने इस दिग्गज गायिका के निधन की पुष्टि की। डॉ. समदानी ने उनकी मौत की वजह भी बताई – “मल्टी-ऑर्गन फेलियर” (शरीर के कई अंगों का काम करना बंद कर देना)।
डॉक्टर ने कहा, “आशा भोसले ने आज ब्रीच कैंडी अस्पताल में अपनी आखिरी सांस ली। उनका निधन मल्टी-ऑर्गन फेलियर की वजह से हुआ।”
आशा भोसले की पोती ज़नाई भोसले ने इससे पहले उनके अस्पताल में भर्ती होने की पुष्टि की थी। इस मुश्किल समय में निजता का अनुरोध करते हुए ज़नाई ने कहा था, “मेरी दादी, आशा भोसले को बहुत ज़्यादा थकान और सीने में इन्फेक्शन की वजह से अस्पताल में भर्ती कराया गया है… उनका इलाज चल रहा है और उम्मीद है कि सब ठीक हो जाएगा।”
आशा भोसले के निधन पर PM मोदी की प्रतिक्रिया
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने शोक संदेश में इस दिग्गज पार्श्व गायिका के निधन पर दुख जताते हुए उन्हें “भारत की अब तक की सबसे मशहूर और हर तरह के गाने गाने वाली आवाज़ों में से एक” बताया।
PM मोदी ने कहा, “आशा भोसले जी के निधन से गहरा दुख हुआ, वह भारत की अब तक की सबसे मशहूर और हर तरह के गाने गाने वाली आवाज़ों में से एक थीं। दशकों तक फैला उनका असाधारण संगीत का सफर, हमारी सांस्कृतिक विरासत को समृद्ध करता रहा और दुनिया भर में अनगिनत दिलों को छुआ। चाहे उनकी दिल को छू लेने वाली धुनें हों या जोशीले गाने, उनकी आवाज़ में हमेशा एक बेमिसाल चमक रही। उनके साथ हुई मुलाकातों को मैं हमेशा संजोकर रखूंगा। उनके परिवार, चाहने वालों और संगीत प्रेमियों के प्रति मेरी गहरी संवेदनाएं। वह आने वाली पीढ़ियों को प्रेरित करती रहेंगी और उनके गाने हमेशा लोगों की ज़िंदगी में गूंजते रहेंगे।”

