
नई दिल्लीः देश में कोविड-19 टीकों की सीमित आपूर्ति के कारण टीकाकरण की रफ्तार धीमी हो गई है, और देशभर में लोग कोविन एप पर स्लॉट बुक करने में असमर्थ रहे हैं। आप पहली या दूसरी खुराक के लिए कितने समय तक इंतजार कर सकते हैं, और अगर आप प्रतीक्षा के दौरान कोविड-19 से संक्रमित हैं तो आपको कब वैक्सीन का दूसरा डोज कब लेना है? ऐसे कई सारे सवाल अक्सर कोरोना वायरस से संक्रमित लोगों के मन में उठता रहा है।
जिसके जवाब में सरकारी पैनल ने अपनी सिफारिश दी है। सरकारी पैनल का कहना है कि कोरोना मरीजों को रिकवर होने के 6 महीने बाद ही वैक्सीन की पहली डोज लेनी चाहिए। न्यूज एजेंसी पीटीआई ने सूत्रों के हवाले से यह जानकारी दी है। इस बीच कोवैक्सीन तैयार करने वाली कंपनी भारत बायोटेक को 2 से 18 साल की आयु के लोगों के लिए टीकों के दूसरे क्लीनिकल ट्रायल को मंजूरी दे दी गई है। ड्रग्स कंट्रोलर जनरल ऑफ इंडिया की ओर से यह मंजूरी दी गई है।
पैनल ने यह सिफारिश ऐसे वक्त में की है, जब देश भर में कोरोना वैक्सीन की सप्लाई में कमी देखने को मिल रही है। देश के कई राज्यों में इसके चलते 18 से 44 साल तक की आयु वाले लोगों का टीकाकरण प्रभावित हुआ है। इससे पहले मार्च में केंद्र सरकार ने सीरम इंस्टिट्यूट ऑफ इंडिया की वैक्सीन की पहली और दूसरी डोज के बीच अंतर 28 दिनों से बढ़ाकर 6 से 8 सप्ताह किए जाने की बात कही थी।
बता दें कि 17.7 करोड़ से अधिक लोगों को कोविशील्ड (सिरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया द्वारा निर्मित एस्ट्राजेनेका का टीका) या कोवैक्सिन (भारत बायोटेक लिमिटेड द्वारा निर्मित) से टीका लगाया गया है, जिनमें से 3.9 करोड़ से अधिक को दूसरी खुराक मिली है।
हालांकि, ड्रग कंट्रोलर जनरल ऑफ इंडिया (डीजीसीआई) द्वारा दी गई प्रारंभिक अनुमति के अनुसार, कोविशील्ड की दूसरी खुराक पहली के 4-6 सप्ताह बाद और दूसरी कोवाक्सिन की दूसरी खुराक पहले के 28 दिन बाद दी जानी थी। कोविशील्ड के लिए अंतराल को बाद में 4-8 सप्ताह और कोवैक्सिन के लिए 4-6 सप्ताह तक बढ़ा दिया गया था। अप्रैल में केंद्र ने सलाह दी थी कि कोविशील्ड की दूसरी खुराक पहले के 6-8 सप्ताह बाद ली जा सकती है।
इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ साइंस एजुकेशन एंड रिसर्च (आईआईएसईआर) की इम्यूनोलॉजिस्ट डॉ विनीता बल ने कहा कि संक्रमण से प्रेरित प्रतिरक्षा कुछ महीनों तक चलने की संभावना है, और ठीक होने के बाद 6-8 सप्ताह तक इंतजार करना उचित होगा। प्रमुख वैक्सीन वैज्ञानिक डॉ गगनदीप कांग ने कहा कि यूके के डेटा से पता चलता है कि ै।त्ै.ब्वट.2 वायरस से प्राकृतिक संक्रमण के बाद 80 प्रतिशत सुरक्षा है। उन्होंने कहा कि छह महीने तक इंतजार करना भी ठीक है। यह विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) की सिफारिशों के अनुरूप है, जिसने आंकड़ों की समीक्षा की और कहा कि कोरोना वायरस संक्रमण के बाद छह महीने टीकाकरण करवाना ठीक रहेगा, क्योंकि तब तक शरीर में प्राकृतिक एंटीबॉडी बने रहने की संभावना है।
महाराष्ट्र कोविड -19 टास्क फोर्स के सदस्य डॉ शशांक जोशी ने कहा, अगर दूसरी खुराक में देरी हो रही है, तो घबराने की जरूरत नहीं है, लेकिन इसे अनिश्चित काल के लिए टालें नहीं। ब्वअंगपद के लिए, अंतर को पहले शॉट से 45 दिनों तक बढ़ाया जा सकता है। कोविशिल्ड के लिए, पहली खुराक के तीन महीने बाद दूसरी खुराक ली जा सकती है।
कोरोना मरीजों को लेकर इससे पहले एक्सपर्ट्स ने सलाह दी थी कि उन्हें कम से कम एक महीने तक वैक्सीन नहीं लेनी चाहिए। भले ही पैनल की ओर से नई सिफारिशों को लेकर कुछ कहा नहीं गया है, लेकिन इसे वैक्सीन की किल्लत से भी कुछ लोग जोड़कर देख सकते हैं। महाराष्ट्र, दिल्ली समेत कई राज्यों में बीते कुछ दिनों से टीकाकरण प्रभावित है।
(एजेंसी इनपुट के साथ)


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