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कोरोना से नहीं मिलेगा जल्दी छुटकारा, इसके साथ ही जीना सीखना होगा: स्वामीनाथन

नई दिल्लीः संभावित कोविड की तीसरी लहर के डर के बीच, विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के मुख्य वैज्ञानिक डॉ सौम्या स्वामीनाथन (Chief Scientist Soumya Swaminathan) ने मंगलवार को कहा कि भारत में कोरोना वायरस (Corona Virus) की स्थिति किसी प्रकार की स्थानिकता के चरण में प्रवेश कर सकती है जहां संक्रमण का निम्न या मध्यम […]

नई दिल्लीः संभावित कोविड की तीसरी लहर के डर के बीच, विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के मुख्य वैज्ञानिक डॉ सौम्या स्वामीनाथन (Chief Scientist Soumya Swaminathan) ने मंगलवार को कहा कि भारत में कोरोना वायरस (Corona Virus) की स्थिति किसी प्रकार की स्थानिकता के चरण में प्रवेश कर सकती है जहां संक्रमण का निम्न या मध्यम स्तर चल रहा है। यह ध्यान दिया जाना चाहिए कि स्थानिक चरण तब होता है जब कोई आबादी वायरस के साथ रहना सीखती है। हालांकि, यह महामारी के चरण से अलग है जब वायरस एक आबादी पर हावी हो जाता है।

समाचार वेबसाइट द वायर से बात करते हुए, स्वामीनाथन ने कहा कि भारत के आकार और देश के विभिन्न हिस्सों में जनसंख्या की विविधता और प्रतिरक्षा की स्थिति को देखते हुए, यह संभव है कि देश में स्थिति इसी तरह जारी रह सकती है और देश के विभिन्न हिस्सों में संक्रमण में उतार-चढ़ाव हो सकता है। 

स्वामीनाथन ने कहा, ‘‘हम किसी तरह की स्थानिकता के चरण में प्रवेश कर रहे हैं, जहां निम्न स्तर का संचरण या मध्यम स्तर का संचरण चल रहा है, लेकिन हम उस प्रकार की घातक वृद्धि और शिखर नहीं देख रहे हैं जो हमने कुछ महीने पहले देखा था।’’

उन्होंने उम्मीद जताई कि वर्ष 2022 के अंत तक हम उस स्थिति में होंगे कि हम 70  फीसदी तक टीकाकरण के लक्ष्य को हासिल कर लेंगे और फिर देश में हालात वापस सामान्य हो सकते हैं। बच्चों में कोरोना के प्रसार पर स्वामीनाथन ने कहा कि माता-पिता को घबराने की जरूरत नहीं है। उन्होंने कहा कि हम सीरो सर्वेक्षण को देखें और हमने अन्य देशों से जो सीखा है, उससे पता चलता है कि यह संभव है कि बच्चे संक्रमित हो सकते हैं। हालांकि, अधिकतर बच्चों को सौभाग्य से बहुत हल्की बीमारी होती है। 

वहीं कोवाक्सिन को मंजूरी दिए जाने के सवाल पर स्वामीनाथन ने कहा कि उन्हें पूरा विश्वास है कि डब्ल्यूएचओ का तकनीकी समूह कोवाक्सिन को उसके अधिकृत टीकों में शामिल करने की मंजूरी देने के लिए संतुष्ट होगा और सितंबर के मध्य तक हमें परिणाम मिल सकता है।

उन्होंने कहा, ‘‘जहां तक भारत का संबंध है, जो हो रहा है, और भारत के आकार और विभिन्न क्षेत्रों में देश के विभिन्न हिस्सों में जनसंख्या की विविधता और प्रतिरक्षा की स्थिति के कारण, यह बहुत संभव है कि स्थिति इसी तरह जारी रह सकती है। और देश के विभिन्न हिस्सों में उतार-चढ़ाव, विशेष रूप से जहां अधिक संवेदनशील आबादी है, इसलिए वे समूह जो शायद पहली और दूसरी लहरों से कम प्रभावित थे या वे क्षेत्र जहां टीके कवरेज के निम्न स्तर थे, हम अगले कई महीनों तक उतार-चएाव देख सकते हैं।’’

तीसरी लहर के समय के बारे में एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि किसी के पास ‘क्रिस्टल बॉल’ नहीं है और तीसरी लहर की भविष्यवाणी करना असंभव है। हालाँकि, तीसरी लहर के बारे में आप सिर्फ एक अनुमान लगा सकते हैं।

वैक्सीन पासपोर्ट के बारे में जानकारी देते हुए उन्होंने कहा, ‘‘हम नहीं मानते कि यात्रा करने के लिए कम से कम वैश्विक स्तर पर टीकाकरण एक शर्त होनी चाहिए क्योंकि हमने सभी को टीकाकरण का मौका नहीं दिया है। इसलिए पहली बात यह है कि असमानता से छुटकारा पाना है, फिर आप टीकाकरण करने वाले लोगों को कुछ उपायों में ढील देने की अनुमति दे सकते हैं।’’

(एजेंसी इनपुट के साथ)

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