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मुख्यमंत्री ने किया भूकंप से क्षतिग्रस्त इलाके का दौरा, दो लोगों की मौत, 20 से अधिक घायल

ईटानगरः 1950 के दशक के 71 साल बाद आज सुबह आई 6.4 तीव्रता के भूकंप ने असम क्षेत्र को हिला दिया। एक ही समय में असम में कुल चार भूकंप के झटके महसूस किए गए। असम में सुबह 7.51 बजे पहला झटका महसूस किया गया। रिक्टर पैमाने पर 4.0 को मापने वाला दूसरा भूकंप सुबह […]

ईटानगरः 1950 के दशक के 71 साल बाद आज सुबह आई 6.4 तीव्रता के भूकंप ने असम क्षेत्र को हिला दिया। एक ही समय में असम में कुल चार भूकंप के झटके महसूस किए गए। असम में सुबह 7.51 बजे पहला झटका महसूस किया गया। रिक्टर पैमाने पर 4.0 को मापने वाला दूसरा भूकंप सुबह 8.13 बजे आया। 8.25 और 8.44 पर, असम को रिक्टर पैमाने पर 3.8 के पैमाने पर दो और हल्के भूकंपों से प्रभावित किया गया था। भूकंप का केंद्र असम के शोणितपुर जिले के हागुराजुली पठार के नीचे बताया गया था। भूकंप के बाद असम के कई हिस्सों से नुकसान की खबर आ रही है। 

भूकंप से गुवाहाटी दूरदर्शन केंद्र के एसी संयंत्र में गैस सिलेंडर उत्सर्जित हो गया हैं। फायर ट्रक की मदद से स्थिति को नियंत्रित किया गया। भूकंप से कई सिलेंडर क्षतिग्रस्त होने के कारण गुवाहाटी दूरदर्शन केंद्र में एक भयानक माहौल बनाया गया था। गुवाहाटी के केई एपार्टमेंट के क्षतिग्रस्त होने की खबर है। 

प्राप्त जानकारी के अनुसार भूकंप आने के बाद अफरा तफरी मच गई थी जिसके दिल की धड़कन रुक जाने पर मरने वालों की संख्या 2 हो गई। मारीगांव कॉलेज के छात्रावास में एक व्यक्ति घायल हो गया और कुल मिलाकर असम में घायल हुए लोगों की संख्या बढ़ कर 20 हो गई। असम के महत्व पूर्ण  रेलवे स्टेशन रंगिया की नजदीकी एक तों में दरारें आ गया है। भूकंप के कारण असम के नगांव वीरवी में स्थित महा मृत्युंजय मंदिर में बड़ी दरारें आईं। 128 फीट ऊंचे मंदिर के शीर्ष पर एक दरार देखी गई है। 

मंदिर अधिकारियों ने अभी तक इस मामले पर कोई टिप्पणी नहीं की है। कई स्थानों पर खेत व पूल दरारें पड़ गया। जगह जगह भू-गर्भ से जल निकालते हुए देखा गया है। असम के मुख्यमंत्री सर्बानन्द सोनोवाल ने सबसे क्षतिग्रस्त जिला दौरा कर स्थिति की निगरानी किया। उन्होंने देश की प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और केे्द्रीय गृह मंत्री अमित शाह को भी आभार व्यक्त किया। उधर सबसे प्रभावित जिला शोणितपुर प्रशासन ने सर्तकता जारी किया। असम आपदा प्रबंधन प्राधिकरण ने इस मामले में राज्य आपातकालीन संचालन केंद्र के लिएः 1080/1089 और जिला आपातकालीन संचालन केंद्र के लिएः 108 हेल्पलाइन सुविधा को सार्वजनिक कर दिया है।

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