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कबुछापरी में भू-कटाव और बाढ़ से तबाही, लोग बेघर होने को मजबूर

जोनाईः धेमाजी जिले के जोनाई महकमा में एकतरफ कोरोना महामारी की मार से लोग परेशान हैं तो दूसरी ओर पिछले कई दिनों से हो रही लगातार बारिश के कारण महकमे के विभिन्न अंचलों सहित कबु छापरी अंचल में अरुणांचल प्रदेश के पहाड़ों से निकलने वाली सियांग नदी सहित इसके सहायक नदियों में जलस्तर बढ़ने से लाली-सियांग नदी के बाढ़ और भु-कटाव से अंचल के लोगों का घर-बाड़ी पानी में डूब गये हैं। 

जिसके पश्चात कबुछापरी अंचल के लोगों ने इसकी सूचना महकमा प्रशासन को दिया। महकमाधिपति प्रदीप कुमार द्विवेदी ने कार्रवाई करते हुए कल शाम तक एनडीआरएफ के जवानों के जरिये 102 लोगों को सुरक्षित लाकर जोनाई उच्चतर माध्यमिक विद्यालय और जोनाई बालिका विद्यालय में बनाये गये राहत शिविर में रखा गया। जोनाई उच्चतर माध्यमिक विद्यालय के राहत शिविर में कुल 65 परिवार और जोनाई बालिका विद्यालय में सैतिस परिवार को रखा गया है। 

स्थानीय लोगों ने बताया है कि उनकी घर-बाड़ी, खेत-खलिहान सब-कुछ जलमग्न हो गया है। बाढ़ प्रभावित लोगों ने बताया कि गाय-बैल-भैंस, बकरी आदि ऊंची स्थान पर बांधकर आये है। अगर पानी ज्यादा हुआ तो पशुओं के बह जाने का भी खतरा हैं। स्थानीय लोगों ने बताया कि महकमा प्रशासन हमें बचाकर जोनाई लेकर आया है। मगर हम लोग यहां से जाकर क्या करेंगे। साथ ही लोगो ने सरकार से अपील की हैं कि हमें कहीं ऊंचे स्थान देखकर जमीन आवंटन देती तो हमलोग कबुछापरी नहीं जायेंगे। कबुछापरी अंचल के दो नंबर वार्ड पुरी तरह समाप्ति की ओर है। प्रायः 200 से अधिक लोगों का घर-बाडी नदी के भू-कटाव में चला गया। लोग बेघर होने को मजबुर हो गये हैं। महकमा प्रशासन की ओर से आज पशुओं के लिए चारे की व्यवस्था की गई है।

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