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एनबीटी द्वारा अरुणज्योति बोरा की पांच अनुवाद पुस्तके प्रकाशित

जोनाई: नेशनेल बुक ट्रष्ट अब इंडिया ने पूर्वांचल प्रहरी, लाट साहब के युवा पत्रकार तथा कुशल अनुवादक  अरुणज्योति बोरा द्वारा हिन्दी से असमीया भाषा में अनुदित पांच बाल पुस्तकें प्रकाशित की है। इन पांच पुस्तकों में अखिलेश श्रीवास्तव चमन की दादी की दादी, जयंती रंगनाथन की भाग सोनी भाग, अनिता जैन भाटनागर की कुम्भ, कुलवंत सिंह कोचड़ की गुच्छा और गोविंद शर्मा की सागर में गागर सामिल है। अरुणज्योति बोरा की अबतक दस से अधिक हिन्दी से असमिया भाषा में अनुदित पुस्तकें प्रकाशित हो चुके है। इससे पहले अरुणज्योति ने  में डॉ सांवरमल सांगानेरीया की अरुणोदय की धरती पर और लुईत की मानसपुत्रःशंकरदेव और उत्रर प्रदेश की पूर्व राज्यपाल राम नाईक की बहुचर्चित देश-विदेश की 18 भाषा में अनुदित पुस्तक चरैवेति चरैवेति असमीया भाषा में अनुवाद किया था। उन्होनें 2015 में  एक पत्रकार के रुप में अपना करियर शुरु किया था,बाद में हिन्दी किताबों का असमीया भाषा में अनुवाद करने का काम संभाला। जगदम्बा मल्ल जी द्वारा रचित स्वतंत्रता सेनानी रानी गाईदिनल्यु के जीवन आधारित  उपन्यास ‘रानी गाइदिनल्यू’ तथा डॉ सांवरमल सांगानेरीया की भारत के ऐतिहासिक स्थानों यात्रा का कथा पर आधारित ‘थोड़ी यात्रा थोड़े कागज’ यह दोनों हिन्दी के असमिया भाषा में अनुवादित पुस्तकें प्रकाशित होने जा रहा है। 

उल्लेखनीय है कि पूर्वांचल प्रहरी, लाट साहब के युवा पत्रकार और असम के लखीमपुर जिले के नारायणपुर महकमा के विष्णुपुर गांव के निवासी और कुशल अनुवादक  अरुणज्योति बोरा  का मोबाइल नंबर 7086163579 पर सम्पर्क कर सकते हैं।

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