राज्य

वन विभाग कर्मचारी पर अवैध व्यवसायियों के विरुद्ध कार्रवाई करने के बजाय सहयोग करने का आरोप

जोनाईः जोनाई महकमा छात्र संघ की जोनाई महकमा समिति के अध्यक्ष रंजीत बसुमतारी, सचिव नयन ज्योति बरुवा और अखिल असम छात्र संघ के केन्द्रीय समिति के कार्यकारिणी सदस्य राजीव गोगोई और धेमाजी जिला छात्र संघ के मुख्य सांगठनिक सचिव दिलीप कुटुम ने संयुक्त रूप से हस्ताक्षरित एक स्मारक पत्र जोनाई महकमा के प्रभारी महकमाधिपति के जरिए राज्य के मुख्यमंत्री, असम के वन मंत्री और धेमाजी जिले के जिला उपायुक्त को प्रेषित किया है।

स्मारक पत्र में उल्लेखनुसार जोनाई महकमा का रक्षा-कवच के रूप में स्थित पोबा संरक्षित वनांचल को अभयारण्य के रुप में घोषणा करके सुरक्षा प्रदान करने की बार बार मांग किया जा रहा है। लेकिन सरकार के तरफ से कोई कार्रवाई नहीं किया गया है। जिससे एक तरफ बाढ़ व भू-कटाव और अवैध काठ व्यवसायी के उपद्रव से इस वनांचल के मुल्यवान और औषधीय युक्त पेड़ों की अंधाधुध कटाई कर वनांचल को ध्वंस किया जा रहा है। वनविभाग के कर्मचारी अवैध व्यवसायियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई करने के बजाय व्यवसायियों को सहयोग करने का आरोप स्मारक पत्र में लगाया गया है। 

वहीं धेमाजी जिले के वन विभाग की नर्सरी बनाने के नाम पर पोबा वनांचल के तीन माइल घाट में बहुत मुल्यवान पेड़ों की कटाई करने का आरोप स्मारक पत्र में लगाया गया है। नर्सरी स्थापना करने के लिए वनांचल में बहुत खुली भुमि रहने के बावजूद भी पेड़ों की कटाई कर नार्सरी स्थापना की कार्य पर वन विभाग और ठेकेदार की मिलीभगत का आरोप लगाया है। साथ ही छात्र संघ ने वनांचल की अवैध कटाई की जांच कर दोषी अधिकारियों और कर्मचारियों के साथ ही दोषी व्यक्तियों पर कड़ी कार्रवाई करने के साथ ही जोनाई के पोबा वनांचल को अतिशीघ्र अभ्यारण्य घोषणा करने की मांग जोनाई महकमा छात्र संघ ने किया है।

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