राज्य

चंद्रेश्वर दुवरा द्वारा अनूदित ग्रन्थ ‘परजा’ का हुआ विमोचन

लखीमपुरः वरिष्ठ पत्रकार तथा साबोती बहू उद्देशीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय के अवसर प्राप्त अध्यक्ष श्रीचंद्रेश्वर दुवरा द्वारा अनूदित (उसीसा के उपन्यासकार गोपीनाथ मोहंती की मूल अंग्रेजी  रचना) ग्रन्थ “परजा“ का विमोचन नार्थ लखीमपुर प्रेस क्लब में लखीमपुर के अंतर्राष्ट्रीय ख्याति प्राप्त वैज्ञानिक तथा अन्वेषक पद्मश्री उद्धव भराली ने किया। कार्यक्रम के प्रारंभ में प्रेस क्लब के कार्याध्यक्ष कुमुद बरुवा ने दीप प्रज्ज्वलित किया। ग्रन्थ का विमोचन करने के पश्चात् दिए गए भाषण में भराली ने 88 वर्षीय अनुवादक चंद्रेश्वर दुवरा के इस प्रयास की तारीफ करते हुए कहा कि दुव्ररा जी का यह प्रयास एक सुह्साहसिक कदम है। उन्होंने कहा कि अनुवाद वही व्यक्ति कर सकता है जिसे दोनों भाषाओँ का पूर्ण ज्ञान हो। मंगलमय पत्रिका के सम्पादक संजीव उपाध्याय द्वारा संचालित विमोचन समारोह में नार्थ लखीमपुर कोलेज के असमीया विभाग के मुरब्बी अध्यापक डॉ अरविन्द राजखोवा ने विमोचित ग्रन्थ की समीक्षा की।

अनुवादक श्रीदुवरा ने अपने वक्तव्य में कहा कि गोपीनाथ मोहंती के अंग्रेजी उपन्यास का अनुवाद करने के लिए आज से चालीस साल पूर्व स्थानीय वाणिज्य महाविद्यालय के अध्यक्ष (अवसर प्राप्त) भीमसेन बहरा ने अनुरोध किया था। उन्होंने 298 पृष्ठ के इस उपन्यास के अनुवाद को कष्टकर बताते हुए अपने अनुभों को शेयर किया। इस ग्रन्थ का प्रकाशन गुवाहाटी यशोवंत रोड के पुर्वायन प्रकाशन ने किया है। ग्रन्थ का मूल्य 360 रुपये निर्धारित किया गया है।

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चंद्रेश्वर दुवरा द्वारा अनूदित ग्रन्थ ‘परजा’ का हुआ विमोचन

लखीमपुरः वरिष्ठ पत्रकार तथा साबोती बहू उद्देशीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय के अवसर प्राप्त अध्यक्ष श्रीचंद्रेश्वर दुवरा द्वारा अनूदित (उसीसा के उपन्यासकार गोपीनाथ मोहंती की मूल अंग्रेजी  रचना) ग्रन्थ “परजा“ का विमोचन नार्थ लखीमपुर प्रेस क्लब में लखीमपुर के अंतर्राष्ट्रीय ख्याति प्राप्त वैज्ञानिक तथा अन्वेषक पद्मश्री उद्धव भराली ने किया। कार्यक्रम के प्रारंभ में प्रेस क्लब के कार्याध्यक्ष कुमुद बरुवा ने दीप प्रज्ज्वलित किया। ग्रन्थ का विमोचन करने के पश्चात् दिए गए भाषण में भराली ने 88 वर्षीय अनुवादक चंद्रेश्वर दुवरा के इस प्रयास की तारीफ करते हुए कहा कि दुव्ररा जी का यह प्रयास एक सुह्साहसिक कदम है। उन्होंने कहा कि अनुवाद वही व्यक्ति कर सकता है जिसे दोनों भाषाओँ का पूर्ण ज्ञान हो। मंगलमय पत्रिका के सम्पादक संजीव उपाध्याय द्वारा संचालित विमोचन समारोह में नार्थ लखीमपुर कोलेज के असमीया विभाग के मुरब्बी अध्यापक डॉ अरविन्द राजखोवा ने विमोचित ग्रन्थ की समीक्षा की।

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