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लैलापुर में शहीद हुए जवानों को लखीमपुर में दी गई श्रद्धांजलि

लखीमपुर (असम): कछार जिले के ढलाई विस् क्षेत्र लैलापुर से सटे असम मिजोरम सीमांत पर मिजो दुष्कृति कारियों के आक्रमण से शहीद हुए असम आरक्षी के 6 जवानों को श्रद्धांजलि देने और घायल हुए जवानों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना के लिए वीर लाचित सेना, असम की लखीमपुर जिला के उत्तर लखीमपुर, लालुक,  बिहपुरिया, चावलधोवा आंचलिक समिति ने दीप प्रज्ज्वलन कार्यक्रम का प्रायोजन किया। लखीमपुर शहर के मालपानी चाराली सम्पन्न इस कार्यक्रम में वीर लाचित सेना की लखीमपुर जिला समिति के अध्यक्ष लूलू बरुवा, सचिव लक्षयजीत  दत्त,, उपाध्यक्ष इमाजुद्दीन अहमद, सह सचिव भद्रजीत दत्त, प्रचार सचिव तेज बड़ा, आंचलिक अध्यक्ष सचिव सहित कई सदस्य उपस्थित थे। जिलाध्यक्ष लूलू बरुवा ने कहा कि पड़ोसी राज्य असम की भूमि पर वर्षों से कब्जा जमाते आ रहे हैं पर इस विषय को असम सरकार द्वारा कभी गंभीरता से नहीं लिया गया, जिसके कारण लैलापुर की घटना घटी। भविष्य में इस प्रकार के घटना की पुनरावृत्ति न हो इसकी तरफ संस्था ने असम सरकार का ध्यान आकृष्ट किया।

आरटीआई कर्मी संस्था ने मामला दर्ज किया
आरटीआई कर्मी संस्था, असम की लखीमपुर जिला समिति के सभापति दुलाल सैकिया, सचिव सीमांत हज़ारिका और सलाहकार त्रय साजाद हजारिका, गुलजार हुसेन तथा राजीव अहमद के नेतृत्व में एक दल जिला आरक्षी अधीक्षक के पास गत 26 जुलाई को असम मिजोरम सीमा पर लैलापुर में मिजोरम पुलिस और दुर्वृत् के हमले से शहीद हुए और 80 से अधिक घायल होने के घटना के लिए दोषियों के खिलाफ क़ानूनी कार्रवाई किये जाने की माँग कर एक मामला दर्ज किया। आवेदन में संस्था ने उक्त घटने में लिप्त कसूरवारों की शिनाख्त कर कड़ी सजा दिलाने तथा असम सरकार से सबल कदम उठाए जाने की माँग की गई है। आरटीआई कर्मी संस्था द्वारा दिए गए आवेदन में मिजोरम सरकार को खबरदार कहते हुए कहा गया है कि उन लोगों ने एक विदेशी राष्ट्र की तरह जो बर्बरता की है उसे भारतीय इतिहास में लिखा जाएगा। पूर्वाेत्तर की सात बहनो के बीच की शांति व भाईचारे की भावना को नष्ट करने के लिए उसे पछताना होगा। असम सरकार को राजनीतिक स्वार्थ या अन्य किसी कारण से इस अमानवीय कृत्य के लिए मिजोरम को माफ न करे। राष्ट्रीय पटल पर मिजोरम को दोषी साबित कर जरूरी आपातकालीन अवस्था की घोषणा कराई जानी चाहिए। साथ ही मिजोरम से संविधान की 317 धारा खत्म कर भारत के अन्य राज्यों की तरह स्वाभाविक कानून के दायरे में लाया जाना चाहिये। असम आरक्षी के शहीद जवांनो के परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त करने के साथ ही घायलो के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना भी संस्था ने की है।

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