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नागपुर में असम के मुख्यमंत्री से मिले योग गुरू सकलानी

नागपुर​: असम के मुख्यमंत्री हेमन्त विश्व शर्मा से योग गुरू धर्मसिंह सकलानी ने नागपुर में मुलाकात की। असम के मुख्यमंत्री ने कोरोना में काल में योग के महत्व की सराहना की। इस अवसर पर योग गुरू धर्मसिंह सकलानी ने कहा कि हम सनातन जीवन शैली को भुला चुके हैं, इसीलिए हमें कोरोना काल में अधिक नुकसान उठाना पड़ा है। उन्होंने कहा कि कोरोना की पहली लहर के बाद वह देश के 7 राज्यों में गये और लोगों को योग के प्रति जागरूक किया।

उन्होंने कहा कि सामाजिक दूरी का पालन, मास्क लगाना और रोजाना प्राणायाम ही प्रत्येक व्यक्ति को कोरोना सहित किसी भी प्रकार के संक्रमण से बचा सकता है। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि उत्तर पूर्व भारत में योग की धारा बहे और बहती रही। ऐसे शुभ एवं शुद्ध अव्यावसायिक प्रयास प्रारम्भ होने चाहिए। पूर्वोत्तर राज्य असम के माननीय मुख्यमंत्री हेमन्त विश्व शर्मा जी से भेंट का सार यही था। 

योग गुरू सकलानी ने कहा कि गुरुओं के गुरु आदि योगी शिव से प्राप्त योग विद्या पर तो प्रत्येक मानव का अधिकार है। बावजूद बीते वर्षों में इसका अंधाधुंध व्यवसायीकरण हुआ है। व्यवसायीकरण ने योग को साधारण स्वास्थ्य पद्धतियों की श्रेणी में खड़ा कर दिया जो कि नहीं होना चाहिए था। 

उन्होंने कहा कि आज इस विषय पर विस्तृत चर्चा रही कि धन लाभ से दूर रहते हुए पूर्वोत्तर भारत में योग कार्यक्रमों का आयोजन हो और इसके वास्तविक महत्व को लोग समझ सकें। योग गुरू ने कहा कि लोग इस बात को भी जानें कि प्राणों से सम्बंधित एक आयाम है प्राणायाम और प्राणायाम केवल स्वस्थ जीवन ही नहीं अपितु मानव जीवन की उच्चतम संभावनाओं को पाने का मार्ग है।

योग गुरू सकलानी ने कहा कि मुख्यमंत्री की योग के प्रति सकारात्मक सोच को जानकर मन में नए उत्साह का संचार हुआ है, आशा जगी है कि जल्दी ही हम अपने प्रयासों में सफलता पाएंगे।

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