यह त्यौहार सांस्कृतिक और भावनात्मक महत्व रखता है, जो भारतीय संस्कृति में पारिवारिक संबंधों के महत्व को मजबूत करता है। यह एक ऐसा समय है जब परिवार एक साथ आते हैं, आशीर्वाद का आदान-प्रदान करते हैं और भाई-बहनों के बीच स्थायी बंधन का जश्न मनाते हैं।
महाभारत में शिशुपाल का गर्दन सुदर्शन चक्र से काटने के दौरान भगवान श्री कृष्ण की तर्जनी उंगली कट गई थी। यह देखते ही द्रौपदी श्री कृष्ण जी के पास दौड़कर पहुंची और अपनी साड़ी से एक टुकड़ा फाड़कर उनकी उंगली पर पट्टी बांध दी। इस दिन श्रावण पूर्णिमा थी। तब श्री कृष्ण ने द्रौपदी से रक्षा का वादा किया था। चीर हरण के समय द्वारकाधीश ने द्रौपदी की रक्षा की थी।
इस साल रक्षाबंधन पर भाईयों की कलाई के साथ बिहान दीदीयों का त्यौहार भी होगा रंगीन
भाई-बहन के पावन पर्व रक्षा बंधन (Raksha Bandhan) पर यूं तो पीएम मोदी को भी कई बहनें राखी (Rakhi) बांधती हैं। लेकिन उनकी एक मुहबोली बहन पाकिस्तान में भी रहती हैं। रक्षा बंधन के शुभ अवसर से पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Narendra Modi) की पाकिस्तानी बहन कमर मोहसिन शेख ने राखी भेजी है।
भविष्य पुराण में एक कथा है कि वृत्रासुर से युद्ध में देवराज इंद्र की रक्षा के लिए इंद्राणी शची ने अपने तपोबल से एक रक्षासूत्र तैयार किया और श्रावण पूर्णिमा के दिन इंद्र की कलाई में बांध दी। इस रक्षासूत्र ने देवराज की रक्षा की और वह युद्ध में विजयी हुए। यह घटना भी सतयुग में हुई थी।
भद्रा पृथ्वी पर नहीं पाताल लोक में, प्रतिपदा तिथि में नहीं बांधी जाती राखी
वर्ष 2022 में श्रावण पूर्णिमा 11 अगस्त (गुरुवार) को मनाई जानी है। विभिन्न लोग कहते हैं कि वह दिन ज्योतिष के अनुसार भद्रा है, जो अशुभ है। लेकिन 11 अगस्त की पूर्णिमा के दिन चंद्रमा मकर राशि में रहेगा और चंद्रमा के मकर राशि में होने के कारण इस दिन भद्रा का निवास पाताल में रहेगा. भद्रा के पाताल में रहने से शुभ रहेगा। आप अच्छी चौघड़िया और होरा के अनुसार राखी बांधकर त्यौहार मना सकते हैं।
दंतेवाड़ा (Dantewada) जिले की आदिवासी महिलाएं अपने हाथों से राखी बनाकर अपने भाइयों को भेज रही हैं। इसके साथ बाजार में उपलब्ध करा रही हैं। रक्षाबंधन के त्यौहार को देखते हुए स्व-सहायता समूहों की दीदियां आजीविका के रूप में राखियां तैयार करने में जुटी हैं। इनके द्वारा हाथों से बनाई गई राखी भाइयों की कलाई की शोभा बनेंगी।

