Chandra Grahan 2026: 2026 का पूर्ण चंद्र ग्रहण (Lunar Eclipse 2026) आज, 3 मार्च, 2026 (मंगलवार) को हो रहा है, और यह भारत के कई हिस्सों में होली की पूर्व संध्या के साथ होने वाला एक शानदार “ब्लड मून” इवेंट है। यह साल का पहला चंद्र ग्रहण है, जिसका अम्ब्रल मैग्नीट्यूड लगभग 1.15 है, जिसका मतलब है एक गहरा पूर्ण चरण जिसमें पृथ्वी के वायुमंडल से रिफ्रैक्ट होने वाली सूरज की रोशनी के कारण चंद्रमा लाल हो जाता है।
ग्लोबल ग्रहण के फेज़ (IST में)
पेनमब्रल फेज़ शुरू: लगभग 2:14–2:16 PM
आंशिक ग्रहण (अम्ब्रा कॉन्टैक्ट) शुरू: 3:20–3:21 PM
पूर्ण ग्रहण (टोटैलिटी) शुरू: 4:34–4:35 PM
अधिकतम ग्रहण: लगभग 5:03–5:34 PM (पीक “ब्लड मून” फेज़)
पूर्ण ग्रहण खत्म: 5:32–5:33 PM (पूर्ण ग्रहण का समय: ~57–58 मिनट)
आंशिक ग्रहण खत्म: लगभग 6:47 PM
पेनमब्रल फेज़ खत्म: लगभग 7:53 PM (पूरा ग्रहण का समय: ~5–6 घंटे)
यह ग्रहण पूर्वी/उत्तर-पूर्वी भारत, पूर्वी एशिया, ऑस्ट्रेलिया और अमेरिका के कुछ हिस्सों में पूरी तरह से दिखाई देगा, लेकिन भारत के ज़्यादातर हिस्सों में (दिल्ली, मुंबई, बेंगलुरु और कोलकाता जैसे बड़े शहरों सहित), केवल आखिरी स्टेज (आंशिक ग्रहण से पेनमब्रल ग्रहण का खत्म होना) ही दिखाई देंगे। क्योंकि चांद सूर्यास्त/शाम के आसपास उगता है।
खास शहरों में विज़िबिलिटी और टाइमिंग
विज़िबिलिटी चांद निकलने के समय पर निर्भर करती है (चांद सूर्यास्त के आसपास पूरब में उगता है)। साफ आसमान और बिना रुकावट वाला पूर्वी क्षितिज सबसे अच्छा होता है। यहां बताए गए शहरों की समरी दी गई है (सभी समय IST; लोकल चांद निकलने और ग्रहण की प्रोग्रेस के आधार पर अनुमानित):
दिल्ली
चांद निकलना: ~6:21–6:26 PM
दिखने वाला फेज़: चांद निकलने से शुरू (आधा ग्रहण, पेनम्ब्रल में बदलना)
सबसे अच्छा व्यू: शाम 6:26 PM से शाम 7:53 PM (ग्रहण खत्म)
आप चांद को आधा ग्रहण या आखिरी पेनम्ब्रल फेड में देखेंगे, अगर हालात ठीक हों तो शायद थोड़ी देर के लिए लाल रंग का भी हो सकता है।
मुंबई
चांद उगना: ~6:30–6:40 PM
दिखने का फेज़: चांद उगने से आगे (बहुत देर से आंशिक से पेनम्ब्रल तक)
सबसे अच्छा नज़ारा: 6:30 PM से 7:53 PM
छोटी विंडो; चांद उगते समय धुंधला या लाल दिख सकता है, लेकिन पूरा नहीं दिखेगा।
बेंगलुरु
चांद उगना: ~6:24–6:30 PM (दक्षिणी/पश्चिमी भारत जैसा)
दिखने का फेज़: चांद उगने से देर से आंशिक/पेनम्ब्रल
सबसे अच्छा नज़ारा: ~6:24 PM से 7:53 PM
मुंबई/दिल्ली जैसा—आखिरी फ़ेडिंग स्टेज, जिसमें थोड़ा लाल रंग हो सकता है।
कोलकाता
चंद्रोदय: ~5:39–6:00 PM (पूर्व में जल्दी)
दिखाई देने वाला फेज़: बाद में आंशिक रूप से पूरी तरह से खत्म होने तक/पेनम्ब्रल
सबसे अच्छा नज़ारा: शाम 5:39 PM से शाम 7:53 PM तक
यहां बेहतर संभावना है—पूर्वी भारत में देर से पूरी तरह से या गहरा आंशिक फेज़ ज़्यादा दिखेगा, जिसमें “ब्लड मून” की ज़्यादा अच्छी विज़िबिलिटी हो सकती है।
उत्तर-पूर्वी राज्यों (जैसे, गुवाहाटी, ईटानगर) में, विज़िबिलिटी और भी बेहतर होती है, जिसमें पूरी तरह से चांद डूबने से पहले कुछ हिस्से दिखाई देते हैं। पश्चिमी/दक्षिणी शहरों में सबसे कम समय के लिए दिखाई देता है।
भारत में दिखाई देने का समय
कुल ग्रहण का समय: ~3 घंटे 27 मिनट (अम्ब्रा कॉन्टैक्ट से खत्म होने तक), लेकिन ज़्यादातर शहरों में दिखाई देने वाला हिस्सा: जगह के हिसाब से ज़्यादा से ज़्यादा 20–90 मिनट।
दुनिया भर में “ब्लड मून” (पूरा) ~58 मिनट तक रहता है, लेकिन भारत में ज़्यादातर आखिरी हिस्सा दिखता है।
लूनर एक्लिप्स (Chandra Grahan) कैसे देखें
किसी खास सामान की ज़रूरत नहीं है—बस सूरज डूबने के बाद पूरब की ओर देखें (नंगी आँखों से भी ठीक है; दूरबीन/टेलिस्कोप से डिटेल्स बेहतर होती हैं)।
अपने आस-पास के चांद के सही निकलने के लिए स्टेलारियम जैसे ऐप या वेबसाइट (timeanddate.com, drikpanchang.com) देखें।
लाइट पॉल्यूशन से बचें; खुली जगहों पर जाएं।
ध्यान दें: सूतक काल (हिंदू परंपरा में अशुभ समय) सुबह ~6:20–6:23 AM से ग्रहण खत्म होने (~6:47 PM) तक मनाया जाता है; बहुत से लोग इस दौरान खाना/खाना बनाने से बचते हैं।

