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Hantavirus Alert? वायरल ट्वीट ने मचाई दहशत, WHO की जांच शुरू

Hantavirus Alert: सोशल मीडिया पर 2022 का एक पुराना रहस्यमयी पोस्ट फिर सुर्खियों में है। क्रूज़ शिप पर हंटावायरस (Hantavirus) के दुर्लभ मामलों की खबरों के बाद इस पोस्ट ने नई बहस छेड़ दी है।

यह वायरल चर्चा तब शुरू हुई जब X यूज़र Jordan Crowder ने एक पुराने अकाउंट के स्क्रीनशॉट शेयर किए। इस अकाउंट के बायो में लिखा था ‘भविष्य पढ़ता है’। Crowder ने दावा किया कि इस अकाउंट से 2022 में सिर्फ़ चार पोस्ट किए गए थे और उसके बाद यह प्लेटफ़ॉर्म से गायब हो गया।

उन पोस्ट में से एक छोटा सा मैसेज था जो अब सोशल मीडिया पर तेज़ी से फैल गया है: “2023: कोरोना खत्म 2026: हंटावायरस”।

Crowder ने लिखा, “इस व्यक्ति ने सिर्फ़ 4 बार पोस्ट किया है… सभी 2022 में एक ही हफ़्ते के अंदर… इसके बायो में लिखा है ‘भविष्य पढ़ता है’… इस पोस्ट में लिखा है: 2023: कोरोना खत्म 2026: हंटावायरस। यह अपनी तरह का अकेला पोस्ट है। Grok ने पुष्टि की है कि 2022 के बाद से इसमें कोई बदलाव नहीं किया गया है। अजीब बात है।”

@iamasoothsayer अकाउंट का यह मूल पोस्ट तब से वायरल हो गया है, खासकर MV Hondius नामक एक्सपीडिशन क्रूज़ जहाज़ से जुड़े प्रकोप के बाद हंटावायरस संक्रमणों पर फिर से ध्यान केंद्रित होने के बाद।

इंटरनेट पर प्रतिक्रियाओं की बाढ़
यह दोबारा सामने आया ट्वीट जल्द ही ऑनलाइन चर्चा का विषय बन गया, जिस पर यूज़र्स अविश्वास, मज़ाक और साज़िश की थ्योरीज़ के साथ प्रतिक्रिया दे रहे हैं।

एक यूज़र ने टिप्पणी की, “नहीं यार, यह सब सच नहीं हो सकता।”

दूसरे ने लिखा, “रुको, यह क्या बकवास है? इस आदमी को 3 साल पहले इस वायरस के बारे में कैसे पता चला होगा?”

तीसरे यूज़र ने टिप्पणी की, “हो सकता है कि यह उन लैब वैज्ञानिकों में से एक हो जिसने बहुत पहले ही राज़ खोलने का फ़ैसला कर लिया हो। हमें बस यह सब होता हुआ दिखाई नहीं दिया।”

एक और यूज़र ने लिखा, “आप जानते ही हैं कि वे इस वायरस को इस तरह से अपग्रेड करेंगे, जैसा कि पिछला वायरस नहीं कर पाया था।”

पांचवें यूज़र ने बताया, “यह सब उसी महीने में किया गया था जिस महीने यह अकाउंट बनाया गया था, और तब से यह अकाउंट एक्टिव नहीं है।”

जहां कई यूज़र्स ने इस पोस्ट को एक अजीब संयोग माना, वहीं कुछ अन्य लोगों ने यह अटकलें लगाईं कि क्या यह ट्वीट हंटावायरस के बारे में पहले से मौजूद वैज्ञानिक जानकारी से जुड़ा था, जिसका अध्ययन वैश्विक स्वास्थ्य एजेंसियां ​​लंबे समय से कर रही हैं।

हंटावायरस के प्रकोप को लेकर क्या हो रहा है? यह ऑनलाइन हलचल, क्रूज़ शिप MV Hondius से जुड़े हंटावायरस के फैलने पर बढ़ रहे अंतरराष्ट्रीय ध्यान के बीच सामने आई है। यह शिप अर्जेंटीना और केप वर्डे के बीच यात्रा कर रहा था।

विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) और दक्षिण अफ्रीकी अधिकारियों द्वारा साझा किए गए अपडेट के अनुसार, कम से कम तीन लोगों की मौत हो गई है, जिनमें एक डच जोड़ा भी शामिल है; जबकि यात्रा के दौरान कई अन्य लोगों में भी इसके लक्षण दिखाई देने की खबरें हैं।

दक्षिण अफ्रीका के स्वास्थ्य मंत्री एरॉन मोटसोलेडी ने एक संसदीय समिति को बताया कि जांचकर्ताओं ने दक्षिण अफ्रीका लाए गए एक यात्री में हंटावायरस के दुर्लभ ‘एंडीज़ स्ट्रेन’ (प्रकार) की पुष्टि की है।

एंडीज़ प्रकार को विशेष रूप से महत्वपूर्ण माना जाता है क्योंकि यह हंटावायरस के उन कुछ ज्ञात प्रकारों में से एक है जो सीमित स्तर पर एक इंसान से दूसरे इंसान में फैलने की क्षमता रखता है।

मोटसोलेडी ने कहा कि इस तरह का संक्रमण फैलना “बहुत दुर्लभ है और यह केवल बहुत करीबी संपर्क के कारण ही होता है।” अधिकारी वर्तमान में उस उड़ान, हवाई अड्डे और अस्पताल से जुड़े लगभग 90 लोगों का पता लगा रहे हैं, जिनका उस मरीज़ से किसी भी तरह का संपर्क रहा था।

WHO इस बात की भी जांच कर रहा है कि क्या इस संक्रमण के फैलने के दौरान एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में इसका प्रसार हुआ था।

विशेषज्ञ इस पर इतनी बारीकी से नज़र क्यों रख रहे हैं?

हंटावायरस संक्रमण आमतौर पर संक्रमित चूहों के मूत्र, मल या लार के संपर्क में आने से फैलता है। इसके अधिकांश प्रकार एक इंसान से दूसरे इंसान में नहीं फैलते हैं।

हालांकि, वैज्ञानिकों ने पहले भी एंडीज़ ऑर्थोहंटावायरस के मामले में सीमित स्तर पर एक इंसान से दूसरे इंसान में संक्रमण फैलने के मामलों को दर्ज किया है, जो मुख्य रूप से दक्षिण अमेरिका में देखे गए थे।

स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि क्रूज़ शिप के माहौल ने इस ओर विशेष ध्यान खींचा है, क्योंकि वहां यात्रियों के बीच बेहद करीब रहने और लंबे समय तक एक-दूसरे के संपर्क में रहने के कारण, संक्रमण फैलने के दुर्लभ से दुर्लभ पैटर्न भी आसानी से सामने आ सकते हैं।

इस संक्रमण के फैलने के बाद कई देशों ने मिलकर समन्वित जांच शुरू की है; हालांकि, अधिकारी लगातार इस बात पर ज़ोर दे रहे हैं कि आम जनता के स्वास्थ्य के लिए इसका कुल जोखिम अभी भी कम ही बना हुआ है।

लक्षण और जोखिम
हंटावायरस के कारण गंभीर बीमारी हो सकती है, जिसमें ‘हंटावायरस पल्मोनरी सिंड्रोम’ (HPS) भी शामिल है। इस बीमारी में फ्लू जैसे सामान्य लक्षण बहुत तेज़ी से बढ़कर सांस लेने में गंभीर दिक्कत (रेस्पिरेटरी फेलियर) का रूप ले सकते हैं।

इसके सामान्य लक्षणों में बुखार, थकान, मांसपेशियों में दर्द, सिरदर्द, चक्कर आना और सांस लेने में तकलीफ शामिल हैं।

स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार, गंभीर मामलों में मृत्यु दर 40% तक हो सकती है, जिसके चलते शुरुआती चरण में ही चिकित्सकीय सहायता मिलना बेहद ज़रूरी हो जाता है।

भले ही इस बारे में चिंताजनक सुर्खियां बन रही हों और ऑनलाइन माध्यमों पर तरह-तरह के कयास लगाए जा रहे हों, लेकिन फिलहाल इस बात का कोई सबूत नहीं मिला है कि मौजूदा संक्रमण बड़े पैमाने पर आम लोगों (समुदाय) में फैल रहा है।

फिर भी, 2022 का एक पुराना ट्वीट अचानक से फिर से सामने आने के कारण, स्वास्थ्य से जुड़ी इस घटनाक्रम में सोशल मीडिया का एक अप्रत्याशित पहलू भी जुड़ गया है। अब कई यूज़र्स इस बात पर बहस कर रहे हैं कि क्या वह पोस्ट महज़ एक संयोग था, या फिर इसके पीछे कोई और ही अजीबोगरीब बात छिपी हुई है।

(एजेंसी इनपुट के साथ)