Gold Silver Rate: हाल के सेशन में चांदी की कीमतों में भारी गिरावट देखी गई है, 2 फरवरी, 2026 तक घरेलू (MCX) और अंतर्राष्ट्रीय दोनों बाजारों में सोने और चांदी की कीमतें गिर गई हैं।
यह जनवरी के आखिर में रिकॉर्ड ऊंचाई पर पहुंचने के बाद हुआ है, जिसका कारण भारी प्रॉफिट-बुकिंग, मजबूत अमेरिकी डॉलर और केविन वॉर्श को अगले फेडरल रिजर्व चेयरमैन के रूप में नॉमिनेट करने जैसे वैश्विक कारक हैं।
CME ग्रुप द्वारा फ्यूचर्स पर मार्जिन बढ़ाने से भी अतिरिक्त दबाव आया, जिससे लेवरेज्ड पोजीशन महंगी हो गईं और बिक्री के लिए मजबूर होना पड़ा।
भारत में, केंद्रीय बजट 2026 के बाद गिरावट तेज हो गई, हालांकि सोने/चांदी के आयात शुल्क में कोई बड़ा बदलाव घोषित नहीं किया गया था। इससे लगातार बिकवाली हुई, जिससे MCX पर कीमतें कई बार लोअर सर्किट पर पहुंच गईं।
मौजूदा कीमतें (2 फरवरी, 2026 तक – अनुमानित, स्रोत/शहर के अनुसार अलग-अलग हो सकती हैं)
सोना (24K):
प्रति ग्राम: ₹15,153 (पिछले से ~₹900–₹905 कम)।
प्रति 10 ग्राम: लगभग ₹1,43,000–₹1,51,530 (MCX फ्यूचर्स ~₹1,43,321–₹1,43,501, 3–6% कम)।
शहरों के उदाहरण (24K प्रति ग्राम): दिल्ली ~₹15,168, मुंबई ~₹15,153, चेन्नई ~₹15,218।
22K (आमतौर पर ज्वेलरी में इस्तेमाल): ~₹13,890 प्रति ग्राम।
चांदी:
प्रति ग्राम: ~₹300 (तेजी से गिरावट)।
प्रति किलो: ~₹3,00,000–₹2,65,000 (MCX फ्यूचर्स ~₹2,55,652, रोजाना 6–12% कम; कुछ रिपोर्टों में इंट्रा-डे में ~₹2,33,000 तक की तेज गिरावट दिखाई गई है)।
भारी गिरावट: हाल की ऊँचाई से कुछ ही दिनों में प्रति किलोग्राम ~₹50,000–₹1.66 लाख तक की गिरावट (~₹4.04–₹4.20 लाख/किग्रा)।
कुल मिलाकर, सोना अपनी ऊँचाई से ~9–19% गिरा है (इंटरनेशनल स्पॉट ~$4,700–$4,800/oz, जो ~$5,600+ से नीचे है), जबकि चाँदी और भी तेज़ी से गिरी है (~$120+/oz की ऊँचाई से ~30–40% गिरकर ~$81 पर)।
क्यों हुई गिरावट?
ग्लोबल कारण
केविन वॉर्श के फेड नॉमिनेशन ने डॉलर को मज़बूत किया और “सेफ-हेवन/डीबेसमेंट” दांव को उलट दिया, जिसने जनवरी की रैली को बढ़ावा दिया था।
प्रॉफिट-बुकिंग
ज़बरदस्त बढ़त (जनवरी में सोना +20%) के बाद, ओवरबॉट स्थितियों के कारण भीड़ वाले ट्रेड, ETF और लीवरेज्ड पोजीशन को बंद करना पड़ा।
मार्जिन में बढ़ोतरी
CME ने ज़रूरतों को बढ़ाया (सोने के लिए 8%, चाँदी के लिए 15%), जिससे ज़बरदस्ती बिक्री हुई।
भारत-विशिष्ट
ड्यूटी पर बजट में स्थिरता, लेकिन MCX के ज़रिए ग्लोबल कमज़ोरी पहुँची; आयातकों/ज्वैलर्स को कोई राहत नहीं।
विश्लेषक इसे उत्साह के बाद “सट्टेबाजी की उथल-पुथल” या “एयर-पॉकेट करेक्शन” कहते हैं – यह कोई मौलिक गिरावट नहीं है। लंबी अवधि के लिए तेज़ी के विचार बने हुए हैं (जैसे, आपूर्ति की कमी, AI/ग्रीन टेक में चाँदी की औद्योगिक मांग), लेकिन निकट भविष्य में अस्थिरता की उम्मीद है।

