भगवान शंकर (विश्वनाथ) की अर्धांगिनी हैं माता अन्नपूर्णा । माता पार्वती ही सृष्टिकाल में महामाया, पालन करते समय अन्नपूर्णा और संहार करते समय कालरात्रि
Read MorePurnagiri Mandir: मां पूर्णागिरी मंदिर उत्तराखंड (Uttarakhand) राज्य के चंपावत जिले में काली नदी के दाहिने किनारे पर स्थित है। चीन, नेपाल और तिब्बत की
Read Moreविश्वकर्मा के कथनानुसार भगवान सूर्य (Suryadev) ने एक बार अपने सारे शरीर में लाल चंदन और कनेर का लेप किया, जिससे उनकी सारी वेदना मिट गयी। उसी दिन से ला
Read MoreKamakhya Shakti Peeth: हिन्दूओं के प्राचीन 51 शक्तिपीठों में कामाख्या शक्ति पीठ (Kamakhya Shakti Peeth) को सर्वश्रेष्ठ माना जाता है. कामाख्या शक्ति पी
Read Moreदुर्गा सप्तशती एक ऐसा वरदान व प्रसाद है, जो भी प्राणी इसे ग्रहण कर लेता है वह धन्य हो जाता है। जैसे मछली का जीवन पानी में होता है, जैसे एक वृक्ष का जी
Read Moreमहाप्रभु जगन्नाथ को कलियुग का भगवान भी कहते हैं। पुरी में जगन्नाथ महाप्रभु अपनी बहन सुभद्रा और दाऊ बलराम के साथ निवास करते हैं और यहां के कुछ रहस्य ऐस
Read Moreस्वामीनारायण गोपीनाथ मंदिर (Swaminarayan Gopinath Mandir) में ठाकुर जी की एक मूर्ति है। ठाकुर जी की इस मूर्ति की कलाई पर एक घड़ी बंधी है। ठाकुर जी के
Read Moreहिंदू धर्म में हर पूजा में सबसे पहले प्रथम पूज्य भगवान गणेश की आराधना की जाती है लेकिन क्या आप जानते हैं उसी के साथ हर पूजा में नारियल क्यों चढ़ाया जा
Read Moreनई दिल्लीः बम बम भोले और हर हर महादेव के नारों के बीच श्री अमरनाथजी यात्रियों (Amarnath Yatra) का पहला जत्था जम्मू से कश्मीर घाटी (Jammu Kashmir Valle
Read Moreसूर्य के वर से सुवर्ण के बने हुए सुमेरु में केसरी का राज्य था। उसकी अति सुंदरी अंजना नामक स्त्री थी। एक बार अंजना ने शुचिस्नान करके सुंदर वस्त्राभूषण
Read More