राष्ट्रीय

राज्यों/संघ शासित क्षेत्रों में काम कर रहे चुनाव अधिकारियों की सुरक्षा के संबंध में ईसीआई के दिशानिर्देश

नई दिल्लीः भारतीय चुनाव आयोग के संज्ञान में ऐसे कई मामले आए हैं, जिनमें मुख्य निर्वाचन अधिकारियों और मुख्य चुनाव अधिकारियों के कार्यालय में काम कर रहे अतिरिक्त मुख्य निर्वाचन अधिकारियों व संयुक्त मुख्य निर्वाचन अधिकारियों आदि को चुनाव खत्म होने के बाद परेशान किया जाता है। यह विडंबना ही है कि ऐसे ज्यादातर मामलों […]

नई दिल्लीः भारतीय चुनाव आयोग के संज्ञान में ऐसे कई मामले आए हैं, जिनमें मुख्य निर्वाचन अधिकारियों और मुख्य चुनाव अधिकारियों के कार्यालय में काम कर रहे अतिरिक्त मुख्य निर्वाचन अधिकारियों व संयुक्त मुख्य निर्वाचन अधिकारियों आदि को चुनाव खत्म होने के बाद परेशान किया जाता है। यह विडंबना ही है कि ऐसे ज्यादातर मामलों में संबंधित अधिकारियों ने स्वतंत्र, ईमानदारी, पूरी मुस्तैदी और नियमों के तहत चुनाव सुनिश्चित करने के क्रम में निष्पक्ष रूप से अपने कर्तव्यों का निर्वहन किया था। इस मामले की व्यापक समीक्षा के बाद और ऐसे मामलों को ध्यान में रखते हुए आयोग ने दिनांक 15-01-2021 को जारी अपने पत्र संख्या 154/2020 के माध्यम से निर्देश जारी करते हुए कहा :-

यदि मुख्य निर्वाचन अधिकारियों और संयुक्त मुख्य निर्वाचन अधिकारी तक के अन्य अधिकारियों के खिलाफ कार्यकाल के दौरान और उनके द्वारा अंतिम चुनाव संपन्न कराने के एक साल तक कोई अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाती है, तो राज्य/ संघ शासित क्षेत्रों की सरकारों को पहले से आयोग से मंजूरी लेनी होगी।

आयोग ने यह निर्देश भी दिया है कि राज्य/ संघ शासित क्षेत्रों की सरकार दायित्वों के उचित निर्वहन के लिए मुख्य निर्वाचन अधिकारी के कार्यालय को उपलब्ध कराए गए वाहन, सुरक्षा और अन्य साधनों में कमी नहीं कर सकेगी।

आयोग उम्मीद करता है कि सभी संबंधित पक्षों द्वारा इन निर्देशों का सख्ती से शब्दशः पालन किया जाएगा।

उक्त निर्देश की एक प्रति ईसीआई की वेबसाइट https://eci.gov.in पर उपलब्ध है।

Comment here