सुबह की कॉफी अब सिर्फ स्वाद नहीं, तापमान की कहानी है। 30 डिग्री सेल्सियस। यही वह सीमा है जहां से कॉफी पौधों पर हीट स्ट्रेस शुरू होता है।
दुनिया में चल रहे भू-राजनीतिक संघर्षों को देखते हुए जलवायु परिवर्तन पर ध्यान केन्द्रित रखना बेहद महत्वपूर्ण है। इस काम में ग्लोबल साउथ की भूमिका बहुत अहम है।
दो दिन पहले की बात है। कुछ बच्चों से पता चला कि आठ साल का अंकित स्कूल आते समय रास्ते...
अस्पतालों पर एक नया खतरा मंडरा रहा है। और यह खतरा लाई है बदलती जलवायु। जी हाँ, सही पढ़ा। चरम मौसम की घटनाएँ अस्पतालों को बंद तक करा सकती हैं।
दुनिया के लगभग सभी देश, दुनिया भर के कमजोर देशों को ग्लोबल वार्मिंग (Global Warming) के कारण होने वाले अत्यधिक खराब मौसम से निपटने में मदद करने के लिए बनाए किए गए लॉस एंड डैमेज फंड को चलाने के विवरण पर सहमत होने के लिए तैयार हैं।
35 करोड़ पौधे लगाने के लिए विभागों और मंडलों के लिए लक्ष्य निर्धारित, वन-पर्यावरण विभाग 14 करोड़ तो ग्राम्य विकास विभाग सूबे में लगाएगा 12.59 करोड़ पौधे
सेंटर फॉर मीडिया स्टडीज (CMS), दिल्ली, ने 22 और 23 फरवरी को माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता और जनसंचार विश्वविद्यालय के मास कम्युनिकेशन विभाग के सहयोग से "आर्द्रभूमि जीवन के लिए" विषय पर एक क्षमता निर्माण कार्यशाला का आयोजन किया।
यह अभूतपूर्व रिपोर्ट फ़ौसिल फ्यूल उद्योग की भ्रामक सोशल मीडिया अभियानों में भागीदारी की गहराई को उजागर करती है। सीसीएस को जलवायु परिवर्तन के लिए रामबाण के रूप में पेश करने के लिए फ़ौसिल फ्यूल कंपनियां कथित तौर पर ऑनलाइन विज्ञापन और जनसंपर्क प्रयासों में लाखों डॉलर का निवेश कर रही हैं।
एक कड़वा सच जो मूंह बाए देख रहा है वो ये है कि चीन को छोड़कर, विकासशील देशों को 2030 तक जलवायु वित्त में कम से कम 2.4 ट्रिलियन डॉलर की आवश्यकता है। वहीं 54 देशों में आर्थिक संकट ने उन्हें ऋण संकट में भी डाल दिया है, जिससे उनके विकास में बाधा उत्पन्न हो रही है और टिकाऊ ऊर्जा प्रणाली का रुख करने में बाधा आ रही है।
'भारत में कृषि पर जलवायु परिवर्तन के प्रभाव' नामक एक हालिया विश्लेषण में, क्लाइमेट ट्रेंड्स ने बदलते ग्रीष्मकालीन मानसून के प्रति भारत की कृषि की संवेदनशीलता को दर्शाने वाले साक्ष्य जुटाये हैं।
चीन को छोड़कर, वैश्विक स्तर पर नए कोयला बिजली निर्माण में महत्वपूर्ण गिरावट आई है।









