ग्लोबल वार्मिंग (Global Warming) को डेढ़ डिग्री सेल्सियस तक सीमित करने के लक्ष्य को पहुंच के भीतर बनाए रखने के लिए सदी के मध्य तक नेट ज़ीरो उत्सर्जन तक पहुंचने की राह में 2050 तक तेल और गैस के उपयोग में 75% से ज़्यादा कटौती करनी होगी।
एक कड़ी चेतावनी देते हुए, संयुक्त राष्ट्र पर्यावरण कार्यक्रम (UNEP) की नवीनतम एमिशन गैप रिपोर्ट दुनिया के तमाम देशों के लिए वर्तमान पेरिस समझौते के वादों से परे अपनी जलवायु प्रतिबद्धताओं को बढ़ाने की अनिवार्यता को साफ़ करती है।
इन विषयों पर जानकारी को सटीक और जिम्मेदारी से प्रसारित करने में मीडिया कर्मियों की ख़ास जिम्मेदारी है और इस वजह से इसलिए सस्टेनेबिलिटी और जलवायु परिवर्तन जैसे मुद्दों की पत्रकारों में बेहतर समझ होना भी काफ़ी ज़रूरी है।
इस नए शोध की मानें तो जलवायु परिवर्तन (Climate Change) और भीषण गर्मी आपके बच्चे का बुढ़ापा खराब कर सकती है।
एनर्जी ट्रांज़िशन (energy transition) में तेजी लाने और जलवायु परिवर्तन (Climate Change) से मुकाबला करने के लिए पिछले हफ्ते जी20 देशों के नेताओं ने वर्ष 2030 तक वैश्विक रिन्युब्ल एनेर्जी (renewable energy) उत्पादन क्षमता को तीन गुना करने का संकल्प किया है।
प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व वाली भारत की सरकार ने साल 2021 में पूरी दुनिया को तब चौंका दिया था जब हमारे प्रधानमंत्री ने देश को साल 2070 तक नेट जीरो राष्ट्र (net zero nation) बनाने की योजना का ऐलान कर दिया था।
जलवायु वित्त के वितरण में इस गम्भीर खामी को उजागर करते इस अध्ययन की रिपोर्ट आज जारी की गयी।
नवंबर 2022 से अक्टूबर 2023 तक की अवधि पृथ्वी की सबसे गर्म 12 महीने की मियाद रही
आप सोचेंगे तो आपको समझ आएगा कि जलवायु परिवर्तन सिर्फ मौसम को ही नहीं बदलता; यह इन दिव्याँगजनों के मौलिक मानवाधिकारों तक को प्रभावित कर सकता है।
साल 2021 में भविष्यवाणी की गई थी कि यह झील ओवरफ्लो हो जाएगी और बांध को प्रभावित करेगी। ग्लोबल वार्मिंग (Global Warming) के कारण ग्लेशियर पिघलने (melting glaciers) के कारण ग्लेशियर झीलों की संख्या में वृद्धि हुई है।
यह मूल्यांकन रिपोर्ट सीधे तौर पर कहती है कि पेरिस समझौते के वैश्विक तापमान वृद्धि को 1.5C तक सीमित करने के लक्ष्य को पूरा करने के मामले में दुनिया के प्रयास पटरी पर नहीं।
इन तीन महीनों के दौरान, लगभग 6.2 बिलियन लोगों ने कम से कम एक दिन ऐसा अनुभव किया था जब जलवायु परिवर्तन के कारण गर्मी और भी बदतर हो गई थी।










