नई दिल्लीः अमेरिका में आज नई सरकार का शपथ ग्रहण समारोह होगा। जो बिडेन राष्ट्रपति पद की शपथ लेंगे और कमला हैरिस उप-राष्ट्रपति पद की शपथ लेंगी। जब जो बिडेन बुधवार को संयुक्त राज्य अमेरिका के 46 वें राष्ट्रपति बनने की शपथ लेंगे, तो वह राष्ट्रपति के रूप में शपथ लेने वाले सबसे उम्रदराज व्यक्ति होंगे। नवंबर 2020 में बिडेन 78 साल के हो गए। इसके बाद वो आधिकारिक रूप से अपना कामकाज संभालेंगे। भारत के अच्छी खबर ये है कि जो बिडेन की टीम में 20 भारतीय मूल के लोग भी शामिल हैं। जी न्यूज के मुताबिक, अमेरिका के किसी भी राष्ट्रपति की टीम में भारतीय मूल के लोगों को शामिल करने की अब तक की सबसे बड़ी संख्या है। इससे भविष्य में अमेरिका और भारत के बीच संबंध और मजबूत होंगे।
उद्घाटन की पूर्व संध्या आमतौर पर भारी भीड़ का जमावड़ा होता है, लेकिन कोविड प्रतिबंधों के चलते उपराष्ट्रपति कमला हैरिस और जो बिडेन ने खाली नेशनल मॉल में लगभग अकेले थे और यूएस कैपिटल में घातक दंगे के बाद सुरक्षा बढ़ा दी थी।
जो बिडेन की ‘टीम इंडिया’
इन भारतीयों की लिस्ट में 50 वर्ष की नीरा टंडन सबसे महत्वपूर्ण हैं, वो अमेरिका का बजट तैयार करने में बड़ी भूमिका निभाएंगी।
45 वर्ष की वनिता गुप्ता को अमेरिका के न्याय विभाग का तीसरे सबसे महत्वपूर्ण पद यानी एसोसिएट अटॉर्नी जनरल के लिए मनोनीत किया गया है।
डॉक्टर विवेक मूर्ति अमेरिका की जनता को उनका स्वास्थ्य सुधारने की सलाह देंगे।
47 वर्ष की माला अडिगा राष्ट्रपति की पत्नी को पॉलिसी के मामलों में सलाह देंगी।
32 वर्ष की सबरीना सिंह को भी फर्स्ट लेडी की मीडिया सलाहकार बनाया गया है।
आयशा शाह सोशल मीडिया के जरिए राष्ट्रपति के संदेशों को अमेरिका के लोगों तक पहुंचाएंगी।
समीरा फाजली आर्थिक मामलों की सलाहकार होंगी।
आर्थिक मामलों की समिति में भरत रामामूर्ति भी शामिल हैं।
गौतम राघवन राष्ट्रपति के लिए स्टाफ की नियुक्ति करेंगे।
राष्ट्रपति के सबसे करीबी लोगों में विनय रेड्डी होंगे। उन्हें जो बाइडेन के भाषणों को लिखने की जिम्मेदारी मिली है।
वेदांत पटेल राष्ट्रपति के असीस्टेंट प्रेस सेक्रेटरी होंगे।
राष्ट्रीय सुरक्षा से संबंधित मामलों पर फैसला देने वाली नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल में भारतीय मूल के तीन लोगों को शामिल किया गया है।
सोनिया अग्रवाल को पर्यावरण मामलों के लिए वरिष्ठ सलाहकार बनाया गया है।
अमेरिका को कोरोना से बचाने वाली टीम में विदुर शर्मा को जिम्मेदारी दी गई है।
अमेरिका के राष्ट्रपति को कानूनी सलाह देने वाली टीम में भी भारतीय मूल की दो महिलाओं को नियुक्त किया गया है।
डोनाल्ड ट्रंप नहीं होंगे शामिल
इस समारोह में पद छोड़ने वाले राष्ट्रपति भी शामिल होते हैं, वर्ष 2017 में जब डोनाल्ड ट्रंप ने शपथ ली थी। तब वहां पर पूर्व राष्ट्रपति बराक ओबामा भी मौजूद थे। लेकिन राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप इसमें शामिल नहीं होने की घोषणा पहले ही कर चुके हैं। अमेरिका के इतिहास में अब तक सिर्फ 3 राष्ट्रपतियों ने ऐसा किया है और पिछले 100 वर्षों में तो किसी भी राष्ट्रपति ने ऐसा नहीं किया है।

