नई दिल्लीः भारत में इस्लामिक स्टेट (IS) के गुर्गों पर चारों ओर से दबाव बनाते हुए, राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने सोमवार को 3 लोगों को गिरफ्तार किया। इस ऑपरेशन के तहत केरल, कर्नाटक और दिल्ली के 11 स्थानों पर तलाशी ली गई। जिसमें मोहम्मद अमीन उर्फ अबू याहया का परिसर भी शामिल है, जिसके समूह ने ‘टारगेट किलिंग’ के लिए केरल और कर्नाटक में कई लोगों की पहचान की थी।
एनआईए ने अपने प्रेस बयान में खुलासा किया कि तलाशी के दौरान लैपटॉप, मोबाइल, हार्ड डिस्क ड्राइव, पेन ड्राइव, विभिन्न सेवा प्रदाताओं के कई सिम कार्ड और विभिन्न गुप्त दस्तावेजों सहित कई डिजिटल उपकरण जब्त किए गए। जब्त सामग्री को फॉरेंसिक जांच के लिए भेजा जाएगा।
एनआईए ने अपने बयान में कहा, ‘‘यह समूह ISIS के हिंसक जिहादी विचार को प्रचारित करने और इस आईएसआईएस मॉड्यूल में नए सदस्यों को कट्टरपंथी बनाने और भर्ती करने के लिए टेलीग्राम, हूप और इंस्टाग्राम जैसे विभिन्न सोशल मीडिया प्लेटफार्मों पर विभिन्न आईएसआईएस प्रचार चैनल चला रहा है।’’
प्रारंभिक जांच के बाद तीन लोगों – अमीन और उनके साथियों मुसाहब अनवर और राहे रशीद को गिरफ्तार किया गया। केरल के कन्नूर, मल्लापुरम, कोल्लम और कासरगोड जिलों में फैले 8 ठिकानों पर, बेंगलुरु में दो स्थानों पर और दिल्ली में एक स्थान पर छापे मारे गए।
एनआईए ने बयान में आगे कहा, ‘‘आतंकी संगठन के लिए निष्ठा रखने वाले अमीन के नेतृत्व में कट्टरपंथी व्यक्तियों के समूह ने ‘टारगेट किलिंग’ के लिए केरल और कर्नाटक में कुछ व्यक्तियों की पहचान की थी। उन्होंने जम्मू-कश्मीर में ‘हिजरत’ (धार्मिक प्रवास) शुरू करने की योजना बनाई थी।
इसके अलावा, मोहम्मद अमीन ने मार्च, 2020 में बहरीन से भारत लौटने के तुरंत बाद जम्मू-कश्मीर की यात्रा की थी और आईएसआईएस के प्रति निष्ठा रखने वाले जम्मू-कश्मीर के सहकारी संगठनों के साथ संबंध स्थापित करने के लिए पिछले दो महीने से दिल्ली में डेरा डाले हुए था।
एनआईए ने इस साल 5 मार्च को 7 ज्ञात और अन्य अज्ञात आरोपियों के खिलाफ भारतीय दंड संहिता और गैरकानूनी गतिविधि रोकथाम अधिनियम (यूएपीए) के कई धाराओं के तहत मामला दर्ज किया था।
(एजेंसी इनपुट्स के साथ)

