नई दिल्लीः महाराष्ट्र के नांदेड़ में कोरोना वायरस महामारी के कारण जुलूस की परमिशन न देना पुलिस को महंगा पड़ गया। लाठी-डंडों और धारदार हथियारों से लैस सिखों की भीड़ ने पुलिसकर्मियों पर हमला कर दिया। जानकारी के मुताबिक, इस हमले में 4 पुलिसकर्मी जख्मी हो गए और कई वाहन क्षतिग्रस्त हो गए। इस घटना का एक वीडियो भी वायरल हो रहा है, जिसमें लोगों की भीड़ गुरुद्वारे से बाहर निकल रही है और बैरिकेटिंग तोड़कर पुलिसकर्मियों पर तलवारों से हमला करते दिखाई दे रहे हैं।
पुलिस अधिकारियों ने कहा कि महाराष्ट्र के नांदेड़ जिले में पूर्ण रूप से बंद होने के बीच एक होला मोहल्ला के जुलूस को अनुमति देने से इनकार करने के बाद, लगभग 300 सिखों की भीड़ ने पुलिस पर तलवारों से हमला कर दिया। अधिकारियों ने कहा कि होली के मौके पर हुए हमले में कम से कम चार पुलिसकर्मी घायल हो गए, जबकि कई वाहन क्षतिग्रस्त हो गए।
वायरल वीडियो में गुरुद्वारे के बाहर सिखों की भीड़ पुलिस द्वारा लगाए गए बैरिकेटिंग को तोड़ते हुए और तलवारों से पुलिसकर्मियों पर हमला करते हुए दिखाया गया।
पुलिस अधिकारी ने बताया कि महामारी सार्वजनिक जुलूस की अनुमति महामारी के कारण नहीं दी गई थी। गुरुद्वारा समिति को सूचित किया गया था और उन्होंने हमें आश्वासन दिया था कि वे हमारे निर्देशों का पालन करेंगे और गुरुद्वारा परिसर के अंदर कार्यक्रम आयोजित करेंगे।
उन्होंने कहा, ‘‘हालांकि, जब निशन साहिब को शाम 4 बजे के आसपास गेट पर लाया गया, तो भीड़ में शामिल युवाओं ने बहस शुरू कर दी और 300 से अधिक सिख युवाओं ने गेट के बाहर हंगामा कर दिया, बैरिकेड तोड़ दिए और पुलिसकर्मियों पर हमला करना शुरू कर दिया।’’
नांदेड़ पुलिस ने कहा कि चार में से एक कांस्टेबल की हालत गंभीर है। अधिकारियों ने बताया कि भीड़ द्वारा पुलिस के 6 वाहन भी क्षतिग्रस्त कर दिए गए।
पुलिस ने कहा कि नांदेड़ पुलिस ने 17 लोगों को हिरासत में लिया है, जिन्होंने नांदेड़ गुरुद्वारे के बाहर पुलिसकर्मियों के साथ मारपीट की। अधिकारियों ने कहा कि पुलिस ने कई अज्ञात लोगों के खिलाफ दंगा करने और हत्या की कोशिश के आरोपों के तहत एफआईआर दर्ज की है।
(With agency input)

