लखनऊः मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने देर शाम कानून व्यवस्था की समीक्षा की और साफ कहा कि लापरवाही बरतने वाले थानेदारों के खिलाफ कार्रवाई की जाए। सभी एसपी व डीएसपी थानों का निरीक्षण करें और मामलों की समीक्षा करके समस्या का समाधान कराएं। अपराधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए। थानों के टॉप 10 बदमाश, हिस्ट्रीशीटर, गैंगेस्टर पर कार्रवाई की जाए। पुराने बदमाशों की निगरानी हो। जमानत पर छूटे बदमाशों के बारे में जानकारी जुटाई जाए कि वर्तमान में वे क्या कर रहे हैं। बदमाशों की जमानत लेने वालों की भी जानकारी जुटाई जाए। थाने स्तर के मामलों का निस्तारण वहीं होना चाहिए। जो थानेदार लापरवाही बरतें, उनपर कार्रवाई की जाए। मुख्यमंत्री ने शनिवार की शाम गोरखनाथ मंदिर सभागार में प्रशासन, पुलिस, नगर निगम, जीडीए और लोनिवि समेत कई संस्थाओं के अफसरों के साथ बैठक कर विकास कार्यों से लेकर जलभराव और बाढ़ राहत बचाव कार्यों की समीक्षा की है।
मुख्यमंत्री ने शहर में जलभराव को लेकर नाराजगी जताते हुए नगर निगम और प्रशासन के सभी अफसरों को प्रभावित मोहल्लों में कैंप कर पानी निकालने का प्रबंध करने को कहा। उन्होंने कहा कि जरूरत पड़ने पर आसपास के जिलों से भी पंप मंगाकर पानी निकाला जाए और जल्द से जल्द लोगों को राहत दी जाए। शहर से जलभराव की समस्या खत्म करने के लिए दीर्घकालीन योजना बनाई जाए और उसे तत्काल अमल में लाया जाए। उन्होंने चोक हुए नाला- नालियों की सफाई कराने का निर्देश दिया। इसी तरह बाढ़ राहत बचाव कार्यों की समीक्षा के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि बंधों की सतत निगरानी की जाए। बाढ़ प्रभावित इलाकों में फंसे लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने के साथ ही यह सुनिश्चित किया जाए कि हर जरूरतमंद तक खाद्यान्न समेत सभी जरूरी सुविधाएं समय से पहुंच जाएं। उन्होंने स्वास्थ्य विभाग को कैंप लगाकर बाढ़ प्रभावित लोगों का इलाज करने का निर्देश दिया। साथ ही पशुपालन विभाग को प्रभावित इलाकों के
पशुओं की जांच करने और उन्हें जरूरी उपचार के साथ ही चारा भी उपलब्ध कराने का निर्देश दिया।
