नई दिल्लीः आईसीसी टी20 वर्ल्ड कप का आगाज भारत के लिए बहुत ही निराशाजनक अंदाज में हुआ। भारत का पहला मैच अपने चिरप्रतिद्वंदी पाकिस्तान से था और भारत का पिछला रिकार्ड काफी बेहतर था। इसी को देखते हुए यह माना जा रहा था कि टीम इंडिया पाकिस्तान को इस मैच में पटखनी देकर टूर्नामेंट में आगाज करेगी। मगर हुआ इसके बिल्कुल उलट। पाकिस्तान की यंग ब्रिगेड ने टीम इंडिया को धो दिया। पाकिस्तान ने पहले ही मैच में टीम इंडिया को 10 विकेट से शिकस्त दी। पूरे मैच में पाकिस्तान के खिलाड़ी भारत से बेहतर नज़र आए, चाहे बात बॉलिंग की हो, बैटिंग की हो या फिर फिल्डिंग की।
ये सभी खिलाड़ी वहीं हैं, जो कुछ दिन पहले हुए आईपीएल मैचों में जबरदस्त तरीके से खेल रहे थे। लेकिन जब बात आई देश के लिए खेलने की तो सभी खिलाड़ी फुस्स हो गए। आखिर हो भी क्यों न, आईपीएल में जितना पैसा इनको मिलता है, वो यहां थोड़े ही मिलेगा।
टीम इंडिया की बात करें तो पहले बैटिंग करते हुए हमारे दोनों ओपनर, जो मैच से पहले जबरदस्त फार्म में थे, 3 ओवरों में आउट होकर वापस चले गये। रोहित शर्मा जिन्हें कप्तान बनाने की बात हो रही है अपना खाता भी नहीं खोल पाए और पहली ही गेंद पर आउट हो गये। उसके बाद राहुल भी 3 रन बनाकर चलते बने। फिर कप्तान कोहली मे मोर्चा संभाला। उनका साथ देने आए सूर्य कुमार यादव, लेकिन वह भी ज्यादा देर नहीं टिक सके और 11 बनाकर आउट हो गए। उनक बाद आए रिषभ पंत ने कोहली के साथ अर्द्धशतकीय साझेदारी निभाकर टीम इंडिया की लाज बचाई। एक समय भारत 30 रन अपने 3 विकेट खो चुका था। विराट कोहली (57) और रिषभ पंत (39) की साझेदारी के चलते भारत बमुश्किल 151 रन बना पाया। इन दोनों के अलावा कोई भी भारतीय बल्लेबाज पाकिस्तानी गेंदबाजों के आगे ज्यादा देर तक नहीं टिक सका।
सम्मानजनक स्कोर बनाने के बाद लगा कि भारत मैच में वापस आ गया है, लेकिन पाकिस्तान के दोनों ओपनरों मोहम्मद रियाज और बाबर आजम ने अपनी जबरदस्त बैटिंग से भारत के बॉलरों के पसीने छुड़ा दिए और मैच में कभी भी भारत को पकड़ नहीं बनाने दी। आलम ये रहा कि भारत के गेंदबाज विकेट के लिए तरसते रहे, लेकिन पाकिस्तानी बल्लेबाजों ने उन्हें कोई मौका ही नहीं दिया। जिस पिच पर टीम इंडिया के बल्लेबाज रनों के लिए तरस रहे थे, वहीं मोहम्मद रियाज ने 55 गेंदों पर 79 रन बनाए और कप्तान बाबर आजम ने 52 गेंदों पर 68 रन बनाए और आसानी से ये मैच 10 विकटों से जीत लिया। बता दें कि इससे पहले पाकिस्तान कभी भी भारत से 10 विकेटों से नहीं जीता था।
इस मैच में ध्यान देने वाली बात ये रही कि हार्दिक पांडया जो भारतीय टीम के लिए फिनिशर की भूमिका निभाते आ रहे हैं, कोई प्रभाव नहीं छोड़ पाए। उन्हें देखकर लगा कि वह अनफिट हैं, लेकिन फिर भी उन्हें टीम में जगह दी गई। उन्होंने 8 गेंदो में मात्र 11 रन बनाए। फिल्डिंग के समय वह मैदान पर नहीं उतरे। इससे भारत का एक गेंदबाजी विकल्प कम हुआ। लेकिन सवाल ये है कि जब वह फिट ही नहीं तो उन्हें टीम में चुना क्यों गया? जबकि इस समय टीम इंडिया के पास उनके कई विकल्प मौजूद हैं।
भारत का अगला मैच 31 अक्टूबर को इसी मैदान पर खेला जाना है। दूसरे मैच में उनका सामना न्यूजीलैंड की टीम से होगा। भारत इस मैच में करो या मरो की स्थिति में होगा।

