पटना: लोक आस्था के महापर्व छठ की भीड़ में पटना जंक्शन के प्लेटफार्म पर 10 पर दो महिला यात्री मौत के मुंह में समा जाती यदि एन मौके पर पटना जंक्शन आरपीएफ के इकलौते जवान विपिन कुमार चतुर्वेदी ने अपनी जान की परवाह न करते हुए इन दो महिला यात्रियों की जान बचाई होती है?
छठ में पटना जंक्शन पर यात्रियों की भीड़ के कारण अफरा-तफरी का माहौल था ।पटना से भभुआ जाने वाली ट्रेन संख्या 03423 पटना भभुआ इंटरसिटी एक्सप्रेस में चलती ट्रेन में दो महिलाएं ट्रेन में चढ़ने का दरमियां पैर फिसल जाने के कारण गिर गए और ट्रेन तथा प्लेटफार्म के बीच फंस गई ।प्लेटफार्म ड्यूटी कर रहे आरपीएफ जवान विपिन कुमार चतुर्वेदी ने जब यह देखा तो वह अकेले ही अपनी जान की परवाह किए बिना बड़ी ही चतुराई और बहादुरी से उन दोनों महिलाओं को चलती ट्रेन में कटने से बचा लिया। दोनों महिलाओं को हल्की खरोच आई है। बाद में बदहवास इन दोनों महिलाओं को भभुआ जाने वाली ट्रेन में बिठाकर उन्हें गंतव्य की ओर रवाना किया गया ।
आरपीएफ जवान की श्री चतुर्वेदी की ड्यूटी के प्रति मुस्तैदी और तत्परता को देखते हुए पटना जंक्शन के स्टेशन डायरेक्टर डॉ निलेश कुमार ने तत्क्षण विपिन को पुरस्कृत किया ।इसके साथ ही दानापुर के डीआरएम प्रभात कुमार और आर पी एड कर आईं जी एस मयंक ने किए पुरस्कृत किये जाने का ऐलान किया है।
पटना जंक्शन के आरपीएफ पोस्ट प्रभारी इंस्पेक्टर वी के सिंह ने जवान विपिन कुमार चतुर्वेदी कार्यों की सराहना की और कहा कि ऐसे ही जवानों के कारण आरपीएस सफल और सुरक्षित ढंग से यात्रियों की सेवा कर रहा है।
